Amroha News नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसानों को मिलेगा आधुनिक एवं संतुलित खेती का लाभ*
*अब ऐप से बुकिंग करके मिलेगी खाद*
बिक्री केंद्र प्रभारियों को खाद वितरण की नई प्रणाली एवं इफको के विभिन्न उत्पादों के प्रयोग की दी गई विस्तृत जानकारी
अमरोहा, 10 सितंबर 2026।
जिला अमरोहा के कृषि सभागार में गुरुवार को नैनो उर्वरक आधारित बिक्री केंद्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न बिक्री केंद्रों से लगभग 80 बिक्री केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बिक्री केंद्र प्रभारियों को खाद वितरण की नई प्रणाली, इफको के नैनो उर्वरकों की उपयोगिता एवं प्रयोग विधि तथा किसानों तक उर्वरकों की सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि उप निदेशक (DD) श्री महेन्द्र पाल जी ने बिक्री केंद्र प्रभारियों को खाद वितरण की नई प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उर्वरक वितरण व्यवस्था, किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने तथा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बिक्री केंद्र प्रभारी किसानों के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके बाद जिला कृषि अधिकारी श्री मनोज कुमार जी ने बिक्री प्रभारियों को बताया कि अब ऐप के माध्यम से बुकिंग होने के बाद ही किसान खाद ले सकेंगे यह नई प्रणाली है इसको समझना एवं करना होगा नैनो डीएपी के बीजोपचार की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि खाद का संतुलित मात्रा में एवं वैज्ञानिक तरीके से किसान खाद का उपयोग करे किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक एवं उर्वरकों की सही जानकारी पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बिक्री केंद्र प्रभारियों से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने एवं सही जानकारी देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में इफको के मंडल प्रबंधक (RM) श्री जितेंद्र सिंह गंगवार जी द्वारा बिक्री केंद्र प्रभारियों को इफको उत्पादित नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक आधुनिक कृषि तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके वैज्ञानिक तरीके से प्रयोग से किसानों को उर्वरक प्रबंधन में सुविधा मिल सकती है। उनके द्वारा बताया गया कि नैनो यूरिया प्लस में 20 प्रतिशत नाइट्रोजन उपलब्ध है। इसके प्रयोग की विधि बताते हुए कहा गया कि फसल में आवश्यकता के अनुसार पहली टॉप ड्रेसिंग दानेदार यूरिया से तथा दूसरी टॉप ड्रेसिंग के स्थान पर नैनो यूरिया प्लस का प्रयोग 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से पर्णीय छिड़काव के रूप में किया जा सकता है। फसल की आवश्यकता के अनुसार लगभग 25-30 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करने की जानकारी दी गई।
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इसी क्रम में नैनो डीएपी के प्रयोग के बारे में बताया गया कि इसका उपयोग 5 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज उपचार के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा फसल की आवश्यकता के अनुसार 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से 25-30 दिन के अंतराल पर 1-2 पर्णीय छिड़काव किया जा सकता है। प्रशिक्षण में बताया गया कि नैनो डीएपी के बीज उपचार से बीजों के बेहतर अंकुरण एवं पौधों की प्रारंभिक वृद्धि में सहायता मिलती है। साथ ही संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर दानेदार डीएपी की बचत में भी मदद मिल सकती है।
इफको क्षेत्राधिकारी प्रवीन सिंह जी द्वारा इफको के विभिन्न जल-विलेय उर्वरकों एवं अन्य उत्पादों की उपयोगिता तथा फसलवार प्रयोग की जानकारी भी दी
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इस अवसर पर कृषि उप निदेशक श्री महेन्द्र पाल जी, जिला कृषि अधिकारी श्री मनोज कुमार जी, इफको मंडल प्रबंधक श्री जितेंद्र सिंह गंगवार जी, इफको क्षेत्राधिकारी श्री प्रवीन सिंह जी, अपर जिला कृषि अधिकारी श्री प्रदीप कुमार जी, इफको प्रतिनिधि मोहित जी, दीपक जी, अवधेश गोस्वामी सहित कृषि विभाग एवं इफको से संबंधित अधिकारी तथा लगभग 80 बिक्री केंद्र प्रभारी मौजूद रहे।

