चिटफंड घोटाला: अब एसटीएफ के रडार पर श्रीकांत और 20 एजेंट, शशिकांत-सूर्यकांत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
बदायूं। बरेली में चिटफंड कंपनी अमर ज्योति में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोपी 50-50 हजार रुपये के इनामी सूर्यकांत और शशिकांत मौर्य की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ के रडार पर कंपनी के 20 एजेंट और सूर्यकांत, शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत पर हैं। बदायूं और बरेली के रहने वाले यह आठ एजेंट की कंपनी में कर्ताधर्ता थे।
एजेंटों के जरिए लोगों को फंसाया:-मई 2025 में घोटाला सामने आने के बाद से ही श्रीकांत पूरी तरह से भूमिगत है। उसे किसी ने नहीं देखा। अब तक की जांच में सामने आया है कि तीनों भाइयों ने 10 साल पहले अमर ज्योति नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी। कंपनी के जरिए लोगों को पैसा जमा करने पर दो से तीन गुना तक मुनाफा देने का लालच दिया गया। आरोपियों ने बरेली से लेकर बदायूं तक 200 से ज्यादा एजेंट बनाए।एजेंटों के जरिए शिक्षकों,वकीलों,महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराया गया और करोड़ों रुपये की रकम हड़प ली।

बार-बार ठिकाना बदल रहा श्रीकांत, मोबाइल नहीं कर रहा इस्तेमाल:-सूर्यकांत और शशिकांत का तीसरा भाई श्रीकांत बार-बार ठिकाना बदल रहा है।मंगलवार को सूर्यकांत और शशिकांत के लखनऊ से गिरफ्तार होने से पहले श्रीकांत की लोकेशन भी लखनऊ में मिली थी। दोनों भाइयों के पास से मिले मोबाइल फोन में पुलिस व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है।दोनों भाई फ्री बाईफाई कनेक्ट कर इंटरनेट कॉल के जरिए बात करते थे।दोनों के फोन में श्रीकांत का नंबर भी मिला था,लेकिन वह नंबर लगातार ऑफ जा रहा है।श्रीकांत की तलाश में एक टीम लखनऊ में है।

