ई-रिक्शा की टक्कर से रेलवे फाटक का बूम टूटा, जाम में फंसी एंबुलेंस में महिला ने दिया बच्ची को जन्म
बदायूं। उझानी में ई-रिक्शा की टक्कर से रेलवे के अढ़ौली फाटक का बूम क्षतिग्रस्त हो गया।इसके बाद बाइक सवार तो निकलते रहे, लेकिन फाटक से होकर भारी वाहनों की आवाजाही थम गई।इससे जाम लग गया।जाम में फंसी एंबुलेंस में एक गर्भवती ने बच्चे को जन्म दिया।बूम की मरम्मत में करीब तीन घंटे लगे।इसके बाद ही फाटक से होकर वाहनों का आवागमन सुचारू हो पाया।
बूम क्षतिग्रस्त होने का मामला आज सोमवार दोपहर का है।कासगंज-बरेली पैसेंजर पास कराने के बाद गेटमैन ने जैसे ही फाटक खोलना शुरू किया।उसी दौरान ई- रिक्शा बूम से टकरा गया।टक्कर लगते ही क्षतिग्रस्त बूम का एक हिस्सा नीचे की ओर तो दूसरा ऊपर फंस गया।गेटमैन समेत रेलवे कर्मियों ने ई- रिक्शा समेत चालक को मौके पर ही पकड़कर आरपीएफ को सौंप दिया।गेटमैन की कोशिश से भी बूम ठीक नहीं हो पाया तो कॉल कर बदायूं स्टेशन से मैकेनिकों को बुला लिया गया। मैकेनिकों ने बूम की मरम्मत के दौरान फाटक से होकर वाहनों की आवाजाही बंद करा दी।फाटक के दोनों ओर भारी वाहनों समेत ई- रिक्शा, कार और बाइकों की लंबी लाइन लग गई। जाम में एंबुलेंस और स्कूली वैन भी फंसी रहीं।

जाम में फंसी एंबुलेंस में गूंजी किलकारी:-अढ़ौली फाटक का बूम क्षतिग्रस्त हो जाने के दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस में इलाके के गांव अचौरा निवासी नन्हे मौर्य की गर्भवती पत्नी ऊषा की जान पर बन आई। प्रसव पीड़ा से कराहती ऊषा की हालत बिगड़ती देख एंबुलेंस के चालक वीरेश और पति नन्हे ने बाइकों समेत कारों को साइड में कराने की कोशिश भी की,लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।एंबुलेंस में गर्भवती ऊषा के साथ आशा कार्यकर्ता भी थीं।आशा कार्यकर्ता ने ऊषा का प्रसव कराया।ऊषा ने एंबुलेंस में बच्ची को जन्म दे दिया। जाम खुलने के बाद पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले एंबुलेंस को फाटक से होकर निकलवा कर अस्पताल पहुंचाया।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

