गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार का लक्ष्य जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को खुद जनता के द्वार तक पहुंचाना है। गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण‘ सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने अपनी सरकार का मजबूत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने बदरीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण पर सख्त लहजे में चेतावनी भी दी।
6 लाख लोगों की भागीदारी, 60 हजार समस्याओं का निपटारा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। इस अभियान के प्रथम चरण में पूरे प्रदेश में 6 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और 60 हजार से अधिक जनसमस्याओं का मौके पर (On the spot) ही समाधान किया गया। अकेले चमोली जनपद में अब तक 13 जनकल्याण शिविर आयोजित हुए हैं, जिनमें 752 में से 683 शिकायतों का तुरंत निस्तारण कर दिया गया।
बदरीनाथ चोरी मामले में सीएम की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण को अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप सीमान्त गांवों को ‘प्रथम गांव’ मानकर विकास कार्य किए जा रहे हैं। बदरीनाथ धाम, माणा और नीति घाटी में मास्टर प्लान के तहत बड़े स्तर पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर देश में एक ऐतिहासिक पहल की है। इसके अलावा धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर भी सामने आ रही है।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके पूरा होने से भविष्य में उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

