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ITR Filing Deadline Alert 2026 : इस तारीख के बाद ITR भरा तो लगेगा 5000 जुर्माना, चेक करें लास्ट डेट

On: May 22, 2026 10:38 AM
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ITR Filing Deadline Alert 2026 : वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। आयकर विभाग ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों यूटिलिटी जारी कर दी हैं। इसका मतलब है कि नौकरीपेशा लोगों, पेंशनर्स और छोटे कारोबारियों के लिए आईटीआर भरने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। लेकिन ध्यान रहे, अगर आपने तय डेडलाइन (Deadline) तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया, तो आपको ₹5,000 तक की पेनाल्टी (Late Fees) भरनी पड़ सकती है। आइए, जानते हैं कि आपके लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख क्या है।

नौकरीपेशा और पेंशनर्स के लिए क्या है आखिरी तारीख?

ऐसे सभी टैक्सपेयर्स जिनके खातों का ऑडिट (Audit) होना जरूरी नहीं है, उनके लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 का आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 तय की गई है। इस लिस्ट में देश के सभी सैलरीड (नौकरीपेशा) कर्मचारी, पेंशनभोगी, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) और बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI) शामिल हैं।

 

छोटे बिजनेस और फ्रीलांसर्स के लिए भी 31 जुलाई है आखिरी मौका

जो फ्रीलांसर्स, डॉक्टर्स/इंजीनियर्स जैसे प्रोफेशनल्स और छोटे कारोबारी इनकम टैक्स एक्ट की धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत (Presumptive Taxation Scheme) टैक्स भरते हैं, उन्हें भी अपना रिटर्न 31 जुलाई, 2026 तक ही फाइल करना होगा। जिन कंपनियों या फर्मों के बिजनेस अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट होना अनिवार्य है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2026 है। वहीं, इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करने वाली कंपनियों के लिए यह तारीख 30 नवंबर, 2026 होगी।

देरी की तो लगेगा 5000 का झटका, जानिए जुर्माने का गणित
अगर आप 31 जुलाई की डेडलाइन चूक जाते हैं, तो इनकम टैक्स की धारा 234F के तहत आप पर लेट फीस लगाई जाएगी। अगर आपकी कुल सालाना कमाई 5 लाख रुपये से अधिक है, तो देर से रिटर्न भरने पर 5000 रुपये की पेनाल्टी लगेगी। अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये या उससे कम है, तो अधिकतम जुर्माना 1000 रुपये होगा। इसके अलावा, धारा 234A के तहत बकाया टैक्स पर हर महीने 1% का अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना पड़ेगा।

लेट आईटीआर भरने के और क्या हैं बड़े नुकसान?

सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि आखिरी तारीख के बाद रिटर्न (Belated ITR) फाइल करने के कई और नुकसान भी हैं। अगर आपका कोई टैक्स रिफंड (Tax Refund) बनता है, तो लेट आईटीआर भरने की वजह से उसमें काफी लंबा वक्त लग सकता है। आप चालू वर्ष के कुछ खास तरह के बिजनेस या कैपिटल लॉसेस (नुकसान) को अगले साल के मुनाफे से एडजस्ट करने के लिए आगे (Carry Forward) नहीं ले जा पाएंगे।

एक्सपर्ट्स की बड़ी सलाह: फॉर्म 16 (Form 16) मिलने का करें इंतजार

हालांकि आईटीआर फाइलिंग के फॉर्म लाइव हो चुके हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि नौकरीपेशा कर्मचारियों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे जून महीने में अपनी कंपनी से Form 16 मिलने के बाद ही आईटीआर फाइल करें। इससे फॉर्म 26AS और AIS के डेटा का सही मिलान हो जाता है और बाद में रिवाइज्ड आईटीआर (Revised ITR) भरने का झंझट नहीं रहता।

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