दो सगे भाइयों की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास, अपहरण के बाद दिया था वारदात को अंजाम
बदायूं में अपहरण कर हत्या करने और सबूत नष्ट करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पूनम सिंगल ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त किया है।

वहीं पर उनकी बेटी रुकैया के लिए लड़का देखने के लिए कहा था। इस पर तीनों लोग शाहबाद से मितरपुर चले गए।वहां से लौटने के बाद ललुआ नगला के गोलू ने बताया कि वहां मुर्गी फार्म में नजारिक अैर सारिक को शादाब और अब्बास बुलाकर कहीं ले गए हैं।
आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुए थे शव:-उसके बाद से नजारिक और सारिका का कहीं पता नहीं चला है।पुराने मुकदमे को लेकर शादाब से दुश्मनी चल रही है।पुलिस ने आरोपी शादाब की निशानदेही पर सारिक व नजारिक खां के शव बरामद किए थे। पुलिस ने शादाब, उस्मान व आलम के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद शादाब को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।उस्मान और आलम को आरोपों से मुक्त कर दिया गया।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

