Amroha News-अमरोहा-उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में इन दिनों गौ रक्षा को लेकर एक बड़ा अभियान जोर पकड़ रहा है। असल में, देश भर में चल रही ’81 दिवसीय गविष्टि गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा’ अपने अहम पड़ाव के तहत अमरोहा के हसनपुर पहुंची। नगर के एक बैंकेट हॉल में इस मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यहां उन्होंने सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए हुंकार भरी और मंच से कई गंभीर सवाल खड़े किए।
इस पूरे कार्यक्रम की अगुवाई समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और गंगेश्वरी के ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह खड़गवंशी ने की। अमरोहा में शंकराचार्य (Shankaracharya in Amroha) का यह दौरा इस मायने में भी बेहद खास रहा क्योंकि उन्होंने न सिर्फ धार्मिक नजरिए से अपनी बात रखी, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर गौ रक्षा को लेकर सरकार और आम जनता की जवाबदेही तय करने की बात कही है।
भारत भूमि पर गौ हत्या सनातनी हिंदुओं के लिए कलंक
अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ हत्या के मुद्दे पर काफी भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने प्राचीन काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस पवित्र भारत भूमि पर भगवान राम, भगवान श्री कृष्ण और चक्रवर्ती सम्राट दिलीप ने स्वयं अपने हाथों से गौ सेवा की, वहां आज भी गौ माता का रक्त बह रहा है। यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे सनातनी हिंदुओं के लिए एक बड़ी चिंता और माथे पर कलंक करार दिया। शास्त्रों का कड़ाई से हवाला देते हुए जगतगुरु ने गौ हत्या को ऐसा ‘महापाप’ बताया, जिसका किसी भी रूप में प्रायश्चित संभव नहीं है।
राजनीतिक दलों और मतदाताओं को दी चेतावनी
मंच से बोलते हुए शंकराचार्य ने सिर्फ सरकारों को ही नहीं, बल्कि आम मतदाताओं को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने सीधे तौर पर सचेत किया कि जो भी राजनीतिक शक्तियां या पार्टियां गौ हत्या को बढ़ावा देती हैं या इस पर मौन रहती हैं, उन्हें वोट देने वाला आम नागरिक भी इस महापाप में बराबर का भागीदार होता है।
इसके साथ ही, उन्होंने अपनी सबसे प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है जब गौ माता को सामान्य ‘पशु सूची’ से बाहर निकाला जाए। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्र माता’ का सर्वोच्च सम्मान दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रदेश सरकार से भी अपील की कि राज्य स्तर पर भी गोवंश को ‘राज्य माता’ घोषित कर उन्हें कड़ा संरक्षण प्रदान किया जाए।
हर विधानसभा में ‘गौधाम’ बनाने का ऐलान
जगतगुरु ने सिर्फ मांगें नहीं रखीं, बल्कि इसके समाधान के लिए एक ठोस रूपरेखा भी पेश की। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य की हर विधानसभा में कम से कम एक ‘गौधाम’ का निर्माण अनिवार्य रूप से होना चाहिए, ताकि शुद्ध देशी गोवंश का उचित तरीके से संरक्षण और संवर्धन किया जा सके। इस पुनीत कार्य की शुरुआत करते हुए उन्होंने हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में गौधाम बनवाने का सीधा दायित्व सपा नेता राजेंद्र सिंह खड़गवंशी को मंच से ही सौंप दिया।
गौ माता के स्वाभिमान और उनके अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने के लिए शंकराचार्य ने आगामी 24 जुलाई को एक बड़े आंदोलन का शंखनाद किया है। उन्होंने वहां मौजूद सभी गौ भक्तों को संकल्प दिलाया कि वे भारी संख्या में 24 जुलाई को लखनऊ के कांशीराम मैदान पहुंचें, ताकि सत्ता के गलियारों तक उनकी आवाज पूरी मजबूती से पहुंच सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कार्यक्रम ने हसनपुर और आसपास के क्षेत्रों में गौ रक्षा को लेकर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। इस अहम आयोजन में पूर्व मंत्री जगराम सिंह, विजयपाल सैनी, पीतांबर, बाबू कुरैशी, डॉ. याकूब अली, रूबी कौसर और निर्वेश देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और गौ भक्त मौजूद रहे, जिन्होंने शंकराचार्य के सुर में सुर मिलाते हुए गौ रक्षा का संकल्प लिया।

