जोधपुर। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को धर्म पूछकर मारा था, लेकिन हमारी सेना ने आतंकियों को धर्म नहीं, कर्म देखकर मारा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अब केवल जवाब नहीं देती, बल्कि दुश्मन को उसकी जमीन पर घुसकर सबक सिखाने की क्षमता रखती है।
विपक्ष का व्यवहार बेहद निराशाजनक रहा है : Rajnath Singh
सोमवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने लाल सागर स्थित आरके दम्मानी राष्ट्रीय पुनरुत्थान एवं शिक्षा केन्द्र में आदर्श डिफेंस एवं स्पोर्ट्स एकेडमी का लोकार्पण किया। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान की मिट्टी में शौर्य रचा-बसा है, जो कहीं और देखने को नहीं मिलता।
यहां के वीर सपूत हमारी प्रेरणा हैं, जिन्होंने भारत माता का मान बढ़ाया है। राणा की शक्ति, मीरा की भक्ति, पन्नाधाय की त्याग भावना और भामाशाह की संपत्ति राजस्थान की पहचान है। एक लाइन में कहूं तो यह भक्ति की भी धरती है और शक्ति की भी धरती है।
Rajnath Singh ने कहा कि रक्षा और शिक्षा का संगम अनूठा होता है। जब इसमें खेल का भी समावेश होता है तो यह और भी विशेष बन जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि एकेडमी से निकलने वाले बच्चे न केवल राजस्थान, बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान से सेना में बड़ी संख्या में जवान जाते हैं, लेकिन अधिकारी बहुत कम बनते हैं।
विद्या भारती का यह प्रकल्प इस कमी को पूरा करेगा और यहां से नेतृत्व देने वाले अफसर भी निकलेंगे। राजनाथ सिंह ने शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा में जो बदलाव दिख रहा है, वही भारत की असली ताकत है। नई सोच, नई नीतियों और आधुनिक ढांचे के साथ भारत का युवा भविष्य गढ़ रहा है।
पहलगाम की आतंकी घटना का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि घटना के अगले ही दिन उनकी तीनों सेनाओं के प्रमुखों, सीडीएस, रक्षा सचिव, एनएसए से बैठक हुई थी। सेना प्रमुखों का एक ही स्वर था कि किसी भी ऑपरेशन के लिए हम तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए और सेना ने सटीक अटैक किया। जो लक्ष्य तय किया गया था, सेना ने उसे सटीकता से भेदा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की पहचान हमेशा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाली रही है, लेकिन आतंकवादी जब लोगों को धर्म पूछकर मारते हैं तो भारत मजबूर होकर सख्त कदम उठाता है। यही वजह है कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ बदला नहीं था, बल्कि यह आतंक के खिलाफ एक निर्णायक अभियान था।
Rajnath Singh ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने सशस्त्र बलों को पूर्ण समर्थन दिया
Rajnath Singh ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने सशस्त्र बलों को पूर्ण समर्थन दिया, जो इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सरकार या सेना की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि नागरिक, विशेषकर युवा, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक और समर्पित रहें तो देश किसी भी कठिनाई का सामना कर सकता है और मजबूत बन सकता है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि शेखावत ने सीमा क्षेत्र में बहुत काम किया।

