Uttarakhand News: देहरादून/रामनगर। उत्तराखंड में पर्यटन को स्वरोजगार और रिवर्स पलायन का सबसे बड़ा हथियार बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास सभागार से वर्चुअल माध्यम से तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के फांटो जोन (Phanto Zone) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत की। यहां उन्होंने 180 प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष युवाओं को नेचर गाइड (Nature Guide) के रूप में रोजगार पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
फांटो जोन बना ईको-टूरिज्म का मॉडल
मुख्यमंत्री ने प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि फांटो जोन आज सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि ईको-टूरिज्म और समुदाय आधारित पर्यटन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। यहां के घने वन, समृद्ध जैव विविधता और टाइगर साइटिंग (Tiger Sighting) देश-विदेशी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। इसके अलावा फांटो में बने ट्री हाउस भी पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक अनूठा अनुभव दे रहे हैं, जिससे राज्य को राजस्व और स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार मिल रहा है।
गांव लौट रहे हैं युवा, रिवर्स पलायन में 44% का उछाल
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रमाण-पत्र पाने वाले कई युवा रिवर्स पलायन कर अपने गांव वापस लौटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को सिर्फ घुमक्कड़ी तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ रही है। सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नेचर गाइड हैं राज्य के ब्रांड एम्बेसडर
सीएम धामी ने नेचर गाइडों की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि उनका काम केवल पर्यटकों को जंगल घुमाना नहीं है। वे उत्तराखंड की पहचान हैं, जंगलों के प्रहरी हैं और ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के असली ब्रांड एम्बेसडर हैं।
सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने विकास, सुशासन और रोजगार सृजन में कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों को बचाने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।

