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कांवड़ यात्रा 2026 : 30 जुलाई से शुरू होगी महायात्रा, भीड़ और ट्रैफिक को लेकर सरकार का ‘फुलप्रूफ एक्शन प्लान’ तैयार!

On: July 7, 2026 8:17 AM
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देहरादून/हरिद्वार। आस्था और उत्साह की प्रतीक ‘कांवड़ यात्रा 2026’ का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा आगामी 30 जुलाई से शुरू होने जा रही है। सावन के महीने में हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से गंगाजल लेने के लिए देश के कोने-कोने से करोड़ों शिवभक्तों (कांवड़ियों) के देवभूमि पहुंचने की उम्मीद है। इतनी विशाल भीड़, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा को सुचारू रूप से संभालने के लिए उत्तराखंड की धामी सरकार ने अभी से एक बेहद कड़ा और ‘फुलप्रूफ एक्शन प्लान’ तैयार कर लिया है।

चप्पे-चप्पे पर होगी नजर, सुरक्षा का अभेद्य किला प्रशासन के मुताबिक, कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे मेला क्षेत्र को कई जोनों और सेक्टरों में बांटा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारी पुलिस बल के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कंपनियां भी तैनात की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले घाटों की निगरानी के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों और सैकड़ों नए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का जाल बिछाया जा रहा है, ताकि हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके।

ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए विशेष रूट डायवर्जन कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के कारण सड़कों पर भारी दबाव बढ़ जाता है। आम जनता और कांवड़ियों दोनों को असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने एक विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों (ट्रकों) के प्रवेश को कांवड़ मेला शुरू होने से पहले ही डायवर्ट कर दिया जाएगा। हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के संपर्क मार्गों पर वन-वे व्यवस्था और अलग कांवड़ पटरी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।

बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि देवभूमि आने वाले किसी भी शिवभक्त को परेशानी न हो। कांवड़ मार्गों पर जगह-जगह पेयजल, अस्थाई शौचालय, विश्राम स्थल और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखते हुए पूरे यात्रा मार्ग पर अस्थाई चिकित्सा शिविर (मेडिकल कैंप) और एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं और पड़ोसी राज्यों (UP, दिल्ली, हरियाणा) के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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