UP Politics लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर पार्टी में वापस ले लिया है। खास बात यह है कि वापसी के साथ ही उन्हें बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) भी बना दिया गया है।
मायावती के इस बड़े राजनीतिक दांव से यूपी के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बसपा का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
UP Politics: सपा के 34 साल पर BJP का हमला, पंकज चौधरी ने गिनाए 34 मुद्दे; फोड़ा ‘पाप का घड़ा’
मायावती ने सोशल मीडिया पर किया ऐलान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट शेयर करके इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि उनके लिए पूरा बहुजन समाज ही उनका विराट परिवार है और पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है।
मायावती ने अपने पोस्ट में लिखा कि अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्होंने पहले कुछ सख्त फैसले लिए थे, जिससे उनके परिवार के लोग भी अछूते नहीं रहे।
ससुर के संन्यास के बाद आकाश आनंद की कार्यशैली में आया बदलाव: मायावती
मायावती ने बताया कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में अमूमन ठीक रहा है, लेकिन कुछ कारणों से उन्हें पहले जिम्मेदारियों से मुक्त करना पड़ा था। इसके बाद आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेना पड़ा।
मायावती के मुताबिक, इस घटना के बाद से आकाश आनंद की कार्यशैली और व्यक्तित्व में काफी सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने हाल ही में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए पार्टी में वापसी का अनुरोध किया था, जिसकी काफी चर्चा रही।
पिता और छोटे भाई ने भी जताई सहमति
बसपा प्रमुख ने बताया कि आकाश आनंद के अनुरोध और पार्टी के अधिकांश कार्यकर्ताओं की मांग पर यह फैसला लिया गया है। आकाश के पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस पर अपनी सहमति जताई है।
ईशान आनंद ने मिशनरी भावना दिखाते हुए बिना किसी पद के भी पार्टी हित में काम करने की इच्छा जताई है। परिवार के समर्थन और पार्टी हित को देखते हुए मायावती ने आकाश आनंद को दोबारा राष्ट्रीय संयोजक बनाने की घोषणा की है।
मायावती की नसीहत: अब सब कुछ ठीक चलने की उम्मीद
मायावती ने उम्मीद जताई है कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब पार्टी संगठन में बार-बार बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह काफी हद तक आकाश आनंद की कार्यशैली पर निर्भर करेगा।
अपने संदेश के अंत में मायावती ने आकाश आनंद, उनके छोटे भाई ईशान आनंद और उनके पिता आनंद कुमार को आशीर्वाद दिया। साथ ही, मुश्किल समय में पार्टी का साथ देने के लिए बहुजन समाज के सभी लोगों और शुभचिंतकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

