अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

UP Politics: सपा के 34 साल पर BJP का हमला, पंकज चौधरी ने गिनाए 34 मुद्दे; फोड़ा ‘पाप का घड़ा’

On: October 4, 2026 8:56 PM
Follow Us:
UP Politicsपंकज चौधरी
---Advertisement---

लखनऊ: UP Politics समाजवादी पार्टी के 34वें स्थापना दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के राजनीतिक सफर और उसके शासनकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने सपा के 34 साल का हिसाब मांगते हुए 34 मुद्दों और घटनाओं का जिक्र किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर एक घड़ा भी रखा गया था, जिस पर ‘सपा के पाप का घड़ा’ लिखा था। पंकज चौधरी ने इसे प्रतीकात्मक रूप से फोड़ा। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था, दंगे, भर्ती प्रक्रियाओं, कथित भ्रष्टाचार, परिवारवाद, किसानों और दलितों से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।

Up politics:अमरोहा में सपा का बड़ा दांव! कपिल गुर्जर को मिली कमान

 UP Politicsपंकज चौधरी ने सपा सरकारों पर लगाए कई आरोप

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनको लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे, सहारनपुर दंगा, लखनऊ गेस्ट हाउस कांड, मथुरा का जवाहर बाग कांड, कैराना पलायन और पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड जैसे मामलों का उल्लेख किया।

उन्होंने तत्कालीन सरकार के दौरान IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन, बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों को भी अपने आरोपों की सूची में शामिल किया।

‘सपा के 34 साल’ में किन मुद्दों का किया गया जिक्र?

बीजेपी की ओर से जारी सूची में अलग-अलग वर्षों से जुड़े कई राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों का उल्लेख किया गया। इनमें प्रमुख रूप से:

  • 1994: रामपुर तिराहा कांड
  • 1995: लखनऊ गेस्ट हाउस कांड
  • 2013: मुजफ्फरनगर दंगा
  • 2014: सहारनपुर दंगा
  • 2014: बदायूं कांड
  • 2015: पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड
  • 2013: IAS दुर्गा शक्ति नागपाल निलंबन
  • 2016: मथुरा जवाहर बाग कांड
  • 2016: बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप
  • 2015: गोमती रिवरफ्रंट परियोजना से जुड़ी अनियमितताओं का आरोप
  • 2012: यादव सिंह प्रकरण
  • 2013: मुफ्त लैपटॉप योजना से जुड़े आरोप
  • 2013: बेरोजगारी भत्ता योजना
  • 2013-16: गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दे
  • 2013-16: JPNIC से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा
  • 2014-16: कैराना पलायन का मुद्दा
  • 2015: 72,825 शिक्षक भर्ती विवाद
  • 2015: UPPCS प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक
  • 2016: जल निगम भर्ती प्रकरण
  • 2012-17: यश भारती पुरस्कारों में कथित भाई-भतीजावाद
  • 2016: पारिवारिक सत्ता संघर्ष
  • 2016: मुख्तार अंसारी से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम
  • दलित उत्पीड़न और आरक्षण से जुड़े मुद्दे
  • दलित लेखक कंवल भारती की गिरफ्तारी का मामला

इनमें से कई मामलों को लेकर अलग-अलग समय पर राजनीतिक और कानूनी विवाद सामने आते रहे हैं। बीजेपी ने इन मुद्दों को सपा के राजनीतिक रिकॉर्ड से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगने की बात कही।

परिवारवाद और भर्ती को लेकर भी साधा निशाना

पंकज चौधरी ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए यादव परिवार के कई सदस्यों के चुनाव जीतने और 2016 के पारिवारिक सत्ता संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए और 72,825 शिक्षक भर्ती, UPPCS पेपर लीक और जल निगम भर्ती प्रकरण का जिक्र किया।

बीजेपी ने यश भारती पुरस्कारों में कथित भाई-भतीजावाद और UPPSC से जुड़े नियुक्ति विवाद को भी अपने आरोपों में शामिल किया है।

कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की तत्कालीन कानून-व्यवस्था को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे बाहुबली नेताओं का उल्लेख करते हुए सपा शासन पर माफिया से जुड़े राजनीतिक प्रभाव के आरोप लगाए।

उन्होंने तत्कालीन मंत्री आजम खान से जुड़े विवादों और मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर भी सवाल उठाए। ये सभी दावे बीजेपी की ओर से सपा सरकार के राजनीतिक रिकॉर्ड पर लगाए गए आरोपों का हिस्सा हैं।

‘सपा के पाप का घड़ा’ फोड़कर दिया राजनीतिक संदेश

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर रखा गया ‘सपा के पाप का घड़ा’ बीजेपी के राजनीतिक अभियान का प्रतीक बना। पंकज चौधरी ने घड़ा फोड़ते हुए सपा के 34 साल के राजनीतिक सफर से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखने की बात कही।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और बीजेपी तथा समाजवादी पार्टी दोनों अपने-अपने मुद्दों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं।

34 साल के मुद्दों पर अब सियासी घमासान

बीजेपी ने जहां सपा के पुराने शासनकाल से जुड़े मामलों को चुनावी बहस का हिस्सा बनाया है, वहीं समाजवादी पार्टी भी मौजूदा सरकार के खिलाफ बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और भर्ती जैसे मुद्दे उठा रही है।

ऐसे में सपा के स्थापना दिवस पर बीजेपी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक लड़ाई में पुराने शासनकाल के मुद्दों को फिर से केंद्र में लाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।

Aman Kumar Siddhu

He has 19 years of experience in journalism. Currently he is the Editor in Chief of Samar India Media Group. He lives in Amroha, Uttar Pradesh. For contact samarindia22@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply