हत्या के केस में संभल के दो दोषियों को उम्रकैद, 25-25 हजार का जुर्माना
बदायूं।अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू के कोर्ट ने सोमवार को 12 साल पहले पुरानी रंजिश में हरपाल की गोली मारकर हत्या करने के केस में साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार दिए गए संभल जनपद के गुन्नौर थाना क्षेत्र के पतेई कायस्थ निवासी विजेंद्र पुत्र श्रीराम और रूपराम पुत्र झंडू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।कोर्ट ने दोषियाें पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के पतेई कायस्थ निवासी ग्रीश पुत्र भारत सिंह यादव ने 2 अक्टूबर 2014 को गुन्नौर थाने में तहरीर दी थी कि पिछले मंगलवार को उसके चाचा हरपाल पुत्र रामस्वरूप की गांव के ही विजेंद्र व रूपराम की किसी बात पर कहासुनी हो गई थी।1 अक्टूबर 2014 को दोनों लोग शाम के समय चाचा हरपाल के साथ बैठकर ऊपर वाले कमरे के बरामदे में शराब पी रहे थे।उस समय घर में हरपाल की दोनों पत्नी मोहर कली व सीमा व चाचा की बहन शीला मौजूद थीं।कुछ देर बाद तीनों औरतें जंगल में शौच करने चली गईं।उस वक्त वे हरपाल और दोनों को शराब पीते छोड़ गई थीं।जाते समय विजेंद्र ने पूछा था कि तुम लोग कहां जा रहे हो। तीनों कुछ देर बाद वापस आईं तो मेरी बुआ शीला ने ऊपर जाकर देखा कि चाचा हरपाल चारपाई पर खून से लथपथ पड़े हैं।
शीला के शोर मचाने पर उनकी पत्नी मोहर कली व सीमा ऊपर पहुंचीं। रोने-पीटने की आवाज सुनकर गांव के पूरन, वह और मेरा भाई राकेश सहित गांव के कई अन्य लोग पहुंच गए थे। चाचा के दाएं कान पर गोली लगी थी। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध हत्या और ऑर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने 20 अगस्त को अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। गवाहों की गवाही के आधार पर अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई गई।
इसलिए की गई थी हरपाल की हत्या:-वादी ग्रीश के अनुसार, गांव में एक गली है।उस गली की तरफ हमारा घर है।उस गली में अभियुक्त विजेंद्र और रूपराम गेट खोलने को कह रहे थे।इसी बात पर चाचा और विजेंद्र के बीच कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था।इसी विवाद में विजेंद्र ने देख लेने की धमकी दी थी।घटना से एक दो दिन पहले दोनों अभियुक्तों ने चाचा से मेल मिलाप किया था।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

