सोता रहा सिस्टम, हैक हो गईं सरकारी आईडी; साइबर अपराधियों का नया हब बना बदायूं
बदायूं। जिला फर्जी प्रमाण पत्रों का हब बनता जा रहा है।यह कोई कहने वाली कहानी नहीं,बल्कि यहां आए दिन उजागर हो रहे मामले हर सिस्टम की परत खोल रहे हैं।सवाल सिर्फ इतना है कि फर्जी प्रमाण पत्रों का हब बने बदायूं में सरकारी आइडी हैक करने के बाद हर तरह के प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं,लेकिन सिस्टम पूरी तरह से बेखबर है।बीते दिनों बदायूं के सीएमओ कार्यालयों में दिव्यांग प्रमाणपत्रों बिना किसी नियम कानून के जारी कर दिए गए।दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए तमाम सरकारी नियमों से गुजरना पड़ता है, लेकिन यहां पैसे के दम पर प्रमाण पत्र जारी होते रहे।इसी तरह से हाल ही में नगर पंचायत इस्लामनगर की आइडी हैक करने के बाद प्रदेश भर के तमाम जिलों में रहने वाले 200 से ज्यादा लोगों के प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। हैरत की बात तो यह है कि जिले के अलावा संभल, बरेली,शाहजहांपुर, गोंडा तक के लोगों के प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
हैरत: एक आइडी से जारी कर दिए तमाम प्रमाण पत्र:-जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अलग-अलग तमाम दस्तावेज लिए जाते हैं।इसके बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।मगर, रुदायन नगर पंचायत की सरकारी आइडी से जो प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं वह वाकई चौंकाने वाले हैं।यहां जिले भर के 222 प्रमाण पत्र जारी किए गए जबकि इसी आइडी को हैक कर 28 सितंबर की आधी रात को बरेली, संभल,शाहजहांपुर से लेकर गोंडा तक के लोगों के 96 प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।हैरत की बात तो यह है कि सरकारी आइडी हैक करने के बाद रातों-रात बाहरी लोगों के प्रमाण पत्र जारी होते रहे और जिम्मेदारों को इसकी भनक भी नहीं लगी।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

