Sanatan Sena Mission 2026 : सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण की दिशा में साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी आध्यात्मिक पहल के साथ होने जा रही है। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सनातन सेना देशभर के उन प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों को पुनः जीवित करने का बीड़ा उठाने जा रही है, जो सदियों से उपेक्षा का शिकार हैं। ‘अखिल भारतीय देवालय पुनर्जीवन फाउंडेशन’ के माध्यम से इस अभियान का आगाज उत्तर प्रदेश की पावन धरती से किया जाएगा।
क्यों खास है यह अभियान?
भारत में हजारों ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जो देखरेख के अभाव में खंडहर बन चुके हैं। सनातन सेना का यह अभियान इन मंदिरों को केवल भौतिक रूप से ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां आध्यात्मिक चेतना को फिर से स्थापित करने का एक बड़ा प्रयास है।
यूपी से होगी शुरुआत: राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह का बड़ा बयान
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा:
“उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में ऐसे सैकड़ों मंदिर हैं जो सरकारी अनदेखी और उपेक्षा के कारण अपने पुनर्जीवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ये मंदिर हमारे गौरवशाली इतिहास और अटूट आस्था के प्रतीक हैं। हमारी सेना ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2026 से इन मंदिरों का कायाकल्प जमीन पर उतारा जाएगा।”
अभियान के मुख्य चरण (Step-by-Step Plan):
सनातन सेना और भारतीय देवालय पुनर्जीवन फाउंडेशन मिलकर इन बिंदुओं पर कार्य करेंगे:
सफाई और सौंदर्यीकरण: उपेक्षित और खंडहर हो चुके मंदिरों की साफ-सफाई।
जीर्णोद्धार (Renovation): टूटे-फूटे ढांचों की मरम्मत और प्राचीन वास्तु को सुरक्षित रखना।
पूजा-पाठ की पुनर्स्थापना: मंदिरों में नियमित आरती और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत करना।
जन-भागीदारी: स्थानीय समाज और युवाओं को मंदिरों के संरक्षण से जोड़ना।
सनातन चेतना को जागृत करने का संकल्प
यह अभियान केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। प्रथम चरण में यूपी के प्रमुख उपेक्षित मंदिरों को चुना गया है, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में विस्तार दिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि यह पहल भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

