अमरोहा: किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) पर जोर दे रही है। कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब पीएम किसान सम्मान निधि, गेहूं क्रय केंद्र पर फसल की बिक्री और सरकारी खाद की दुकानों से खाद लेने जैसी तमाम योजनाओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) अनिवार्य हो गई है।
अमरोहा में इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है और जिले के 85 प्रतिशत किसानों ने अपनी रजिस्ट्री पूरी कर ली है। आइए जानते हैं क्या है फार्मर रजिस्ट्री और इसे बनवाने के क्या हैं बड़े फायदे:
क्या है फार्मर रजिस्ट्री (किसान गोल्डन कार्ड)?
फार्मर रजिस्ट्री को ‘किसान आईडी’ या ‘गोल्डन कार्ड’ भी कहा जाता है। यह एक ऐसा डिजिटल डॉक्यूमेंट है जिसमें किसान की समस्त कृषि भूमि का पूरा विवरण दर्ज होता है। एक बार यह आईडी बन जाने के बाद किसान को बार-बार अपनी जमीन के कागज (खतौनी) लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के 5 सबसे बड़े फायदे:
खाद और बीज में आसानी: खाद की दुकान पर सिर्फ फार्मर रजिस्ट्री दिखाकर आप अपनी भूमि के अनुसार खाद ले सकते हैं, अब खतौनी दिखाने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।
फसल बेचने में सुविधा: सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, सरसों इत्यादि बेचने के लिए अब अलग से भूमि सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी।
तुरंत लोन: इस आईडी के बनने के बाद ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) मात्र तीन दिनों के अंदर बन जाएगा।
मुआवजा और सम्मान निधि: प्राकृतिक आपदा से फसलों में क्षति होने पर तुरंत क्षतिपूर्ति मिलेगी और पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ बिना रुकावट सीधे बैंक खाते में आएगा।
अन्य योजनाओं का सीधा लाभ: कृषि विभाग की अन्य सभी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ सीधे किसान को मिलेगा।
अमरोहा का शानदार प्रदर्शन, 1.55 लाख किसानों का पंजीकरण पूरा
उप कृषि निदेशक डॉ० राम प्रवेश ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
अमरोहा जिले में कुल 1.79 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जानी है, जिसमें से अब तक 1.55 लाख (85%) किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
फार्मर रजिस्ट्री के मामले में अमरोहा जनपद पूरे उत्तर प्रदेश में 18वें स्थान पर है।
शेष बचे 15% किसानों की रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक और जन सेवा केंद्रों के माध्यम से विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
किसान खुद भी कर सकते हैं अप्लाई, ये चाहिए डॉक्यूमेंट्स:
फार्मर रजिस्ट्री जन सेवा केंद्रों (CSC), कृषि विभाग के कर्मचारियों, लेखपाल या पंचायत सहायक के माध्यम से बनवाई जा सकती है। इसके अलावा, किसान ‘सेल्फ मोड’ का प्रयोग करते हुए अपने मोबाइल से भी इसे बना सकते हैं। इसके लिए केवल 3 चीजों की आवश्यकता है:
आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर
आधार कार्ड नंबर
जमीन की खतौनी या गाटा संख्या

