Sahaswan News: सहसवान में डग्गामार वाहनों का बोलबाला, बड़े पैमाने पर राजस्व को नुकसान पहुंचने का आरोप
अकबराबाद चौराहे से सुबह चार बजे शुरू हो जाता है दिल्ली के लिए वाहनों का संचालन, कार्रवाई न होने पर उठे सवाल
सहसवान।बदायूं-मेरठ राज्य मार्ग संख्या-18 स्थित अकबराबाद चौराहे से दिल्ली के लिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर डग्गामार बसों और चार पहिया वाहनों का संचालन हो रहा है।आरोप है कि सुबह करीब चार बजे से शुरू होने वाला यह सिलसिला दिनभर जारी रहता है।इन वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर आवागमन किए जाने की भी शिकायतें हैं।इसके चलते सरकारी परिवहन व्यवस्था और बड़े पैमाने पर राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार,सहसवान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बसें,इनोवा,फॉर्च्यूनर, ईको तथा अन्य चार पहिया वाहन दिल्ली के लिए संचालित होते हैं।आरोप है कि कुछ वाहन अकबराबाद चौराहे पर तथा पुलिस चौकी शहबाजपुर की नाक के नीचे से राज्य परिवहन निगम की बसों के आगे खड़े होकर सवारियां भरते हैं और दिल्ली के लिए रवाना हो जाते हैं।इससे सरकारी बसों के संचालन और यात्रियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्षेत्र में संचालित इन वाहनों के माध्यम से दिल्ली से सहसवान सहसवान से दिल्ली तक यात्रियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के सामान का भी आवागमन होने की बात कही जा रही है।आरोपों के मुताबिक, दिल्ली और सहसवान के बीच इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स,तैयार पर्स, पर्स बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, सिले हुए कपड़े तथा कपड़ों का कच्चा माल के अलावा जनरल स्टोर तथा रेडीमेड कपड़े बड़े पैमाने पर लाया और ले जाया जाता है। कुछ लोगों ने इन गतिविधियों में तस्करी की आशंका भी जताई है।हालांकि तस्करी संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच का विवरण सामने नहीं आया है।
पुलिस चौकी शहबाजपुर के ठीक नाक के नीचे एवं आसपास भी डगगामार वाहन संचालित होने पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जाता है कि क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक बसों और पांच दर्जन से ज्यादा संख्या में निजी चार पहिया वाहनों का संचालन होता है। भवानीपुर खल्ली, खैरू,अमनपुर,दहगवां,हमूपुर चमरपुरा और मुजरिया चौकी सहित आसपास के क्षेत्रों से भी दिल्ली के लिए वाहन चलाए जाने की बात कही जा रही है। बताया तो यहां तक जाता है कि उपरोक्त चार पहिया वाहन दरवाजे दरवाजे पहुंचकर सवारियों को भरते हैं।
शिकायतकर्ताओं का सवाल है कि यदि यह संचालन नियमों के विरुद्ध हो रहा है,तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
पुलिस चौकी के आसपास से भी वाहनों के संचालन की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिवहन विभाग की बसों के आगे से इन डग्गामार वाहनों द्वारा खुलेआम अधिकारियों को ठेंगा दिखाकर सवारियां भरी जा रही हैं जो परिवहन निगम की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब परिवहन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है निगाहे स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि बिना जरूरी परमिट और नियमों का पालन किए वाहनों का संचालन हो रहा है,तो इससे सरकारी परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान हो सकता है।हालांकि, प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व नुकसान और तस्करी के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों एवं जांच की आवश्यकता है।
अब देखना यह है कि परिवहन विभाग,पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर वाहनों के परमिट,फिटनेस, ओवरलोडिंग तथा माल के परिवहन की जांच कराते हैं या नहीं।क्षेत्रीय लोगों ने नियमों के विरुद्ध चल रहे वाहनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

