नगर के मुख्य बाजार विल्सन गंज में आए दिन मुख्य मार्ग पर होने वाले जामझाम से मुक्ति दिलाए जाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता आरटीआई एक्टिविस्ट आराम सिंह कर रहे थे संघर्ष,
संघर्ष के समय कई अधिकारी एवं लोगों द्वारा उन्हें कदम वापस लेने की की गई थी पुरजोर कोशिश, कदम खींचने से उन्होंने किया इनकार,

अधिकारियों ने उन्हें पैसे से खरीदने का भी किया प्रयास मिली, असफलता,
(सहसवान से समर इंडिया के लिए एसपी सैनी की रिपोर्ट)
सहसवान (बदायूं) अधिवक्ता कैंपस में सहसवान विकासखंड क्षेत्र के ग्राम दरियापुर निवासी अधिवक्ता आराम सिंह यादव लगभग तीन दशक से न्यायालय में अधिवक्ताओं के वादों की पैरवी कर रहे थे। घर से न्यायालय आते जाते समय उन्हें बाजार विल्सन गंज मुख्य मार्ग के मध्य घंटों आवाजाही बंद होने जाम लगने से हो रही स्वयं की दिक्कतों को नगर वासियों की दिक्कतों को समझ कर उन्होंने मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाये जाने के लिए वर्ष 2007 में पत्राचार शुरू किया था।
इसी दौरान अधिवक्ता आराम सिंह यादव प्रेक्टिस करने के साथ-साथ आरटीआई एक्टिविस्ट का जुनून भी उन्हें हो गया उन्होंने आरटीआई एक्टिविस्ट के तौर पर सर्वप्रथम नगर पालिका परिषद को पत्र भेज कर मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाए जाने की लिए अनुरोध किया परंतु पालिका के अधिकारियों द्वारा उन्हें पत्र के जवाब में अवगत कराया गया कि उपरोक्त मार्ग लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आता है इसलिए उपरोक्त मार्ग से अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की न होकर लोक निर्माण विभाग की है।
आराम सिंह यादव ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय लोक निर्माण खंड से आरटीआई के तहत उपरोक्त मार्ग के बारे में जानकारी मांगी तो विभाग द्वारा उन्हें मोहल्ला साहबाजपुर पुलिस चौकी से मोहल्ला नवादा बाजार विल्सन गंज चौधरी मोहल्ला मिर्धा टोला मार्ग मार्ग संख्या 30 तथा उपरोक्त मार्ग सहसवान से
नाधा इस्लामनगर मार्ग बताया गया उपरोक्त मार्ग की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिवक्ता आरटीआई एक्टिविस्ट आराम सिंह यादव ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड बदायूं के अलावा बरेली उत्तर प्रदेश शासन मुख्यमंत्री को प्रत्येक दिन अतिक्रमा हटाए जाने के लिए पत्र भेजने प्रारंभ कर दिए पत्र भेजने के साथ-साथ उन्होंने पत्रों पर क्या कार्यवाही हुई इस पर भी उन्होंने आरटीआई भेज कर जवाब लेने शुरू कर दिए। विभाग द्वारा दी गई जानकारी पुख्ता होने पर उन्होंने उपरोक्त मार्ग संख्या 30 सहसवान नाधा इस्लामनगर मार्ग के मध्य बाजार विल्सन गंज से अतिक्रमण हटाए जाने के लिए प्रण लिया जब तक उपरोक्त मार्ग से अतिक्रमण हटाकर नगर सहसवान की जनता को राहत नहीं मिलती तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे।
यही नहीं उनके द्वारा प्रत्येक दिन उपरोक्त मार्ग से अतिक्रमण हटाये जाने के लिए की जा रही लिखा पड़ी का अधिकारियों से फीडबैक लेना भी प्रारंभ कर दिया। अधिकारियों द्वारा उपरोक्त आरटीआई एक्टिविस्ट आराम सिंह यादव द्वारा ताबड़तोड़ लिए गए फीडबैक से उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग एक एवं प्रांतीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी असमंजस में पड़ गए कि ऐसा जुनूनी व्यक्ति उन्होंने आज तक नहीं देखा वह एक पत्र भेजकर जवाब देते तो आराम सिंह यादव उसके जवाब में ताबड़तोड़ कई पत्र लिख देते और उसकी प्रतिलिपि संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को भी प्रेषित कर देते जिससे उन्हें अधिकारियों को भी पता रहे कि हमारे नीचे के अधीनस्थ कर्मचारी या अधिकारी क्या कर रहे हैं।
आरटीआई एक्टिव एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आराम सिंह यादव ने कई बार चर्चा की कि उपरोक्त विभाग के अधिकारी उन्हें कई बार लालच भी दे चुके हैं परंतु उनके दृढ़ प्रतिज्ञा एवं दृढ़ निश्चय और अधिकारियों द्वारा उन पर बनाए जा रहे दबाव ने उन्हें और मजबूत बना दिया। वह किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं समझौता करने को तैयार नहीं उनका जुनून सिर्फ इतना था कि मुख्य बाजार विल्सन गंज से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कब अतिक्रमण हटाना प्रारंभ करेंगे।
यह आराम सिंह यादव का ही जुनून था उनके जुनून के कारण ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा कई बार अतिक्रमण हटाए जाने के लिए अतिक्रमण के दायरे में आ रहे भावनाओं को चिन्हीकरण किया गया नोटिस भी भेजे गए।
आराम सिंह यादव द्वारा सहसवान के मुख्य बाजार विल्सन गंज में दिन पर दिन लगने वाले आक्रमण के चलते जाम में लोगों को हो रही परेशानी से मुक्ति दिलाए जाने के लिए चल रहा संघर्ष अभियान शायद ही अब चल पाए यह चर्चा लोगों की जुबान पर दिनभर तैरती रही।
आराम सिंह यादव किसी भी कीमत पर उपरोक्त मार्ग से अतिक्रमण हटाए जाने के लिए समझौता करने के लिए तैयार नहीं थे उन्हें विभाग द्वारा तथा भवन स्वामियों द्वारा लालच भी दिया गया परंतु उन्होंने प्रत्येक लालच भय को दर किनारा करते हुए उपरोक्त मार्ग से अतिक्रमण हटाये जाने के लिए अपना अभियान निरंतर जारी रखा अब उनके अभियान को गति मिल पाएगी या नहीं मिल पाएगी यह तो आने वाला भविष्य ही बताएगा परंतु इतना अवश्य है की आराम सिंह यादव द्वारा नगर के मुख्य बाजार स्थित विल्सन गंज में लगने वाले जामझाम से मुक्ति दिलाए जाने के लिए चलाए गए अभियान को सहसवान के जागरूक एवं समाज सेबी लोग कभी नहीं भूल पाएंगे।
वह बात अलग है की अपनी जिद के पक्के शर्तों से समझौता न करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता आरटीआई एक्टिविस्ट पब्लिक नोटरी जनता दल यूके प्रदेश सचिव आराम सिंह यादव अब हमारे बीच नहीं रहे परंतु उनके द्वारा नगर सहसवान को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाए जाने के किए गए प्रयासों को क्षेत्र की जनता कभी नहीं भूल पाएगी,,,,,,,,,,,,,
जब जब मुख्य बाजार में जामझाम लगा होगा लोग आराम सिंह यादव को हमेशा याद करेंगे,,,,,,,,,,,,,,
वह बात अलग है की मुख्य बाजार के कुछ चंद्र व्यापारी भवन स्वामी अतिक्रमण के दायरे में आने पर आराम सिंह यादव के हुए निधन पर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं उनका चर्चा करना उनके लिए तो एक खुशी का सबब हो सकता है परंतु एक गांव से चलकर अधिवक्ता की प्रेक्टिस करने के लिए अपने कैंपस तक जाने के लिए उपरोक्त मार्ग में पढ़ने वाले बाजार विल्सन गंज चौराहे पर दिन प्रतिदिन लगने वाले जामझाम से परेशान होकर स्वयं ही लोगों की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर अनधिकृत रूप से हुए आक्रमण को हटाए जाने के लिए जो अभियान चलाया गया था उसे अभियान के फिलहाल कुछ समय के लिए रुक जाने के लिए लोग़ परेशान तो होंगे परंतु कुछ लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी हो सकती है की अब अतिक्रमण का अभियान नहीं चल पाएगा उसकी हवा निकल गई परंतु सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने के समय-समय पर चलाये जाने वाले अभियान भी कभी भी बड़ा रूप ले सकता है इसके लिए भी हमें तैयार रहना होगा उन चंद लोगों के लिए नहीं जो एक संघर्षशील आरटीआई एक्टिविस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आराम सिंह यादव की मृत्यु हो गलत नजरिए से देख रहे हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

