हसनपुर (अमरोहा): स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे चल रहे अवैध और बिना मानकों वाले नर्सिंग होम मरीजों के लिए किस कदर जानलेवा साबित हो रहे हैं, इसका एक और खौफनाक उदाहरण हसनपुर में सामने आया है। यहां रहरा रोड बाईपास स्थित ‘सांई जीवनदान नर्सिंग होम’ में सीजर (सिजेरियन) ऑपरेशन के दौरान एक कथित अनट्रेंड डॉक्टर की घोर लापरवाही से नवजात की मां की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन को दखल देना पड़ा।
ऑपरेशन में काटी नली, बिना बताए ले गए मेरठ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के गांव देहरी गुर्जर निवासी दीपक ने अपनी पत्नी नीलम (25 वर्ष) को प्रसव पीड़ा होने पर 25 मई को नगर के ‘सांई जीवनदान नर्सिंग होम’ में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि वहां सीजर ऑपरेशन के दौरान नीलम ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया, लेकिन अनट्रेंड डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए उसकी पेशाब की नली काट दी।
मृतका की सास पार्वती के अनुसार, दीपक की सुबह 11 बजे अपनी पत्नी से बात हुई थी। इसके बाद जब उसकी हालत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने अपनी गलती छिपाने के लिए दोबारा ऑपरेशन किया। जब नीलम की स्थिति गंभीर हो गई, तो अस्पताल का स्टाफ परिजनों की सहमति के बिना ही उसे चोरी-छिपे मेरठ ले गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। एक तरफ घर में बच्चे के जन्म की खुशियां थीं, तो दूसरी तरफ मां की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों का हंगामा और पुलिस की कार्रवाई
प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क गए। उन्होंने ‘सांई जीवनदान नर्सिंग होम’ के बाहर एंबुलेंस में शव रखकर जोरदार हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाल राजेश कुमार तिवारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया और आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने हसनपुर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी की पोल खोल दी है। सांई जीवनदान नर्सिंग होम बेसमेंट सहित तीन मंजिला इमारत में अवैध रूप से संचालित हो रहा था, लेकिन अधिकारियों ने कभी कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई।
मामला तूल पकड़ने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धुर्वेन्द्र सिंह ने बताया कि फिलहाल नर्सिंग होम की ओटी (Operation Theater) को सील कर दिया गया है। हालांकि, अस्पताल में अवैध रूप से बने बेसमेंट और बिना मान्यता चल रही गतिविधियों के सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा।

