Moradabad news-तेंदुए ने ली एक और महिला की जान
By Manoj Kumar
On: August 18, 2026 8:16 PM

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Moradabad news-मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा)। मुरादाबाद जनपद में नरभक्षी तेंदुओं का आतंक अपने चरम पर पहुंच गया है और ग्रामीण खौफ के साये में जीने को विवश हैं। मंगलवार को ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के बलिया बहापुर गांव में एक हिंसक तेंदुए ने पशुओं के लिए चारा लेने गई 60 वर्षीय महिला पर जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने मौके पर पहुंचे वन विभाग के जांच दल पर भारी पथराव कर दिया।20 महिलाओं की टोली के सामने खौफनाक मंजर प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलिया बहापुर निवासी बलराम सैनी की पत्नी ब्रह्मो देवी (60 वर्ष) मंगलवार को अन्य महिलाओं के साथ खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। तेंदुओं के भारी खौफ के कारण लगभग 20 महिलाओं का समूह एक साथ इकट्ठा होकर खेतों पर गया था। महिलाएं खेत में चारा काट ही रही थीं कि अचानक घात लगाए बैठे एक विशालकाय तेंदुए ने उन पर धावा बोल दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या बचाव का प्रयास करता, तेंदुआ ब्रह्मो देवी की गर्दन जबड़े में दबोचकर उन्हें गन्ने (ईख) के घने खेत में खींच ले गया।चीख-पुकार मची, पर तब तक जा चुकी थी जान तेंदुए के हमले से महिलाओं में चीख-पुकार और हाहाकार मच गया। महिलाओं का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। भारी भीड़ और शोरगुल के कारण तेंदुआ वृद्धा को वहीं छोड़कर भाग निकला, परंतु तब तक अत्यधिक रक्तस्राव और गहरी चोटों के कारण महिला की दर्दनाक मृत्यु हो चुकी थी।वन विभाग के दल पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा, लेकिन अपनों को खो चुके आक्रोशित ग्रामीणों ने उन पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों को वहां से खदेड़ दिया। घटना वाले गांव के अतिरिक्त, तेंदुआ प्रभावित आसपास के गांवों के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि लगातार हो रहे इन जानलेवा हमलों के बावजूद प्रशासन कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाने में पूरी तरह विफल रहा है।50 गांवों में पसरा है मौत का खौफ ज्ञात हो कि उत्तराखंड सीमा से सटे मुरादाबाद के लगभग 50 गांवों में पिछले 15 दिनों से इन हिंसक तेंदुओं का भारी आतंक व्याप्त है। इस अल्पावधि में तेंदुए दो महिलाओं को नोंच-नोंचकर मार चुके हैं, जबकि 10 से अधिक ग्रामीण इनके हमलों में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यद्यपि वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों में अब तक एक शावक सहित छह तेंदुए पकड़े जा चुके हैं, फिर भी क्षेत्र में दहशत कायम है। जिस बलिया गांव में यह ताजा घटना हुई है, वहीं सात दिन पूर्व नरपत सिंह सैनी पर भी प्राणघातक हमला हुआ था, जो अभी भी गंभीर अवस्था में चिकित्सालय में भर्ती हैं।
