मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में जंगली जानवरों का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव राईभूड़ में दिनदहाड़े एक खूंखार तेंदुए ने खेत में चारा काट रही एक 27 वर्षीय युवती पर जानलेवा हमला कर दिया। तेंदुए ने अचानक पीछे से आकर युवती की गर्दन दबोच ली। परिजनों और ग्रामीणों की सतर्कता से युवती की जान तो बच गई, लेकिन वह बुरी तरह घायल हो गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बाजरे के खेत में घात लगाए बैठा था तेंदुआ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर लगभग 2 बजे राईभूड़ गांव के निवासी अमर सिंह अपनी पत्नी मुन्नी और 27 वर्षीय बेटी मंजू के साथ अपने खेत में बाजरा और पशुओं के लिए चारा काटने गए थे। सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे।
इसी दौरान, खेत में पहले से घात लगाए बैठे एक खूंखार तेंदुए ने अचानक मंजू पर हमला बोल दिया। इससे पहले कि मंजू कुछ समझ पाती, तेंदुए ने उसकी गर्दन को अपने जबड़े में दबोच लिया।
चीख सुनकर लाठियां लेकर दौड़े ग्रामीण
तेंदुए के हमले से मंजू छटपटाने लगी और जोर-जोर से चीखने लगी। बेटी की चीख सुनकर थोड़ी दूरी पर चारा काट रहे उसके माता-पिता, अमर सिंह और मुन्नी, तुरंत उस ओर दौड़े और शोर मचाना शुरू कर दिया।
उनका शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान भी अपनी लाठियां और डंडे लेकर मौके की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों की भारी भीड़ और शोर-शराबा देखकर तेंदुआ घबरा गया और मंजू को लहूलुहान हालत में वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर
घटना की सूचना तुरंत पीआरबी (PRB) पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों की मदद से खून से लथपथ मंजू को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डिलारी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मंजू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस के जरिए मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, युवती की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।

