Mohan Bhagwat ने कहा कि संघ को प्रत्यक्ष अनुभव किए बिना उसके बारे में राय मत बनाइए। संघ से जुड़ने के लिए शाखा में आइए, जो आपको अनुकूल लगे वह काम कर सकते हैं। संघ पूरे समाज को संगठित करना जानता है। संघ किसी को नष्ट करने के लिए नहीं बना है। वह व्यक्ति के निर्माण का काम करता है।
‘हिंदू होने का मतलब है भारत के लिए जिम्मेदार होना’, Mohan Bhagwat बोले- RSS का उद्देश्य सत्ता पाना नहीं
Mohan Bhagwat गुरुवार को संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को परम वैभव सम्पन्न और विश्वगुरु बनाना किसी एक व्यक्ति के वश में नहीं है। इस काम में नेता, पार्टी, सरकार, महापुरुष और संघ जैसे संगठन सहायक हो सकते हैं, लेकिन मूल कारण नहीं बन सकते। यह सबका काम है और इसके लिए सबको साथ लेकर चलना है।

