जौनपुर (बदलापुर)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक पत्नी ने अवैध संबंधों (Extramarital Affair) में अंधी होकर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। बदलापुर कस्बे के भलुआही (वार्ड नंबर आठ) में शुक्रवार की रात एक पत्नी ने अपने ही ममेरे भाई (प्रेमी) के साथ मिलकर अपने पल्लेदार पति संदीप (27) की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी पत्नी ने पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए ‘दृश्यम’ फिल्म जैसी साजिश भी रची, लेकिन एक छोटी सी चूक ने उसका भंडाफोड़ कर दिया।
4 साल से ममेरे भाई से था अफेयर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पत्नी वंदना का गजाधरपुर निवासी अपने दूर के ममेरे भाई राजेश से पिछले चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शादी के बाद राजेश वंदना के घर से महज 500 मीटर दूर भलुआही में किराये के मकान में रहने लगा था।
राजेश अक्सर घर आता-जाता था और वंदना के बच्चों से भी काफी लगाव रखता था। जब संदीप को इस अफेयर की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। इसी विवाद को लेकर वंदना और राजेश ने संदीप को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश भलुआही बाजार में रची।
पत्नी ने दबाया मुंह, प्रेमी ने कसा गला
शुक्रवार रात संदीप शराब और मीट खाकर सोया था। इसी दौरान योजना के तहत वंदना ने सोते हुए पति संदीप का मुंह जोर से दबा दिया और राजेश ने उसके सीने पर चढ़कर नीले रंग के गमछे से उसका गला कस दिया, जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
गोबर से लीपा घर, ससुर को फंसाने की रची साजिश
घटना के बाद राजेश अपने घर जाकर सो गया। इधर, शातिर वंदना ने सबूत मिटाने के लिए सुबह-सुबह घर के फर्श को गोबर से लीप दिया। उसने अपने बुजुर्ग ससुर लालजी से संदीप को जगाने को कहा, ताकि मौके पर ससुर के पैरों के निशान पड़ जाएं और हत्या का शक उन पर या स्वाभाविक मौत पर जाए।
ससुर लालजी ने इसे सामान्य मौत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी। लेकिन इसी बीच, पड़ोस की कुछ महिलाओं की नजर संदीप के गले पर पड़े गहरे निशानों पर गई। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई, और कड़ाई से पूछताछ में वंदना ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
दोनों आरोपी जेल में, बच्चों के सिर से उठा साया
बदलापुर थानाध्यक्ष फूलचंद्र पांडेय ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ में वंदना को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं दिखा।
इस घटना ने एक झटके में एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। मृतक संदीप ही घर में कमाने वाला अकेला था। मां और बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब बुजुर्ग पिता लालजी के कंधों पर दोनों मासूम बच्चों की पूरी जिम्मेदारी आ गई है।

