Garmi Mein Heart Attack : भारत के कई राज्यों में गर्मी कुछ इस तरह पड़ रही है, जैसे आसमान से आग बरस रहा हो. देश के कई हिस्सों में पारा 42 के पार पहुंच चुका है और कई इलाकों का हाल ऐसा है कि दिन हो या रात गर्मी का एहसास कम ही नहीं हो रहा. ऐसी स्थिति में लू लगने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. लू से बचने के लिए आप तरह-तरह की तैयारी कर ही रहे होंगे, लेकिन इस गर्मी के बीच हार्ट अटैक का भी खतरा पहले से ज्यादा बढ़ जाता है. आपको जानकर हैरानी हो सकती है, लेकिन ये सच है. हम आपको इस स्टोरी में हार्ट अटैक का कारण और ऐसी आदतों के बारे में बताएंगे, जो गर्मी में हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देते हैं.
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा?
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. तेज पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है, जिससे शरीर में पानी की कमी, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और खून गाढ़ा होने का खतरा बढ़ जाता है. इन्हीं सभी स्थितियों के कारण हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा जाता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से दिल की बीमारी, हाई बीपी या डायबिटीज की समस्या हो.
ज्यादा गर्मी भी एक बड़ी वजह
हालांकि, कई बार ज्यादा गर्मी के कारण भी हार्ट अटैक की स्थिति बन सकती है. ज्यादा गर्मी में रहने से शरीर का तापमान नियंत्रण प्रणाली में गड़बड़ी आ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है, जिससे हार्ट अटैक का सकता है. इसलिए बेहतर रहेगा कि आप जब भी बाहर निकलें, तब हल्के कपड़े पहने, या जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकले, ठंडी जगहों पर रहें और अगर आप बीपी के मरीज हैं, तो दवाइयों का सेवन और डॉक्टर की सलाह लेते रहें.
पानी की कमी
गर्मी में अक्सर लोगों को डिहाइड्रेशन की समस्या यानी पानी की कमी का सामना करना पड़ता है. इसके पीछे ज्यादा पसीने का बहना, या पानी कम पीना हो सकता है. आमतौर पर ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर से नमक और पानी की मात्रा तेजी से कम होने लगती है. ऐसे में पानी की कमी खून का गाढ़ा कर देती है, जिससे दिल को खून को पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसी स्थिति में कई बार हार्ट अटैक आ जाता है. इस समस्या से बचने के एक ही इलाज है कि आप दिनभर खूब पानी पिएं, नारियल पानी आदि ड्रिंक्स का सेवन करें ताकि शरीर में पानी का लेवल बना रहे.

