हरिद्वार में 18 दिनों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर मां गंगा की अविरल धारा घाटों पर बहने लगी है। दशहरे की रात से शुरू हुई गंगा की वार्षिक बंदी समाप्त हो गई है। 7 नवंबर की रात भीमगोडा बैराज से गंगा में पानी छोड़ा गया, जिसके बाद रविवार सुबह से हर की पौड़ी समेत शहर के सभी प्रमुख घाटों पर जल प्रवाह सामान्य हो गया। दिवाली से ठीक पहले गंगा में पानी लौटने से घाटों की रौनक वापस आ गई है।
अर्धकुंभ की तैयारियों के लिए हुआ था बंदी का उपयोग
गंगा बंदी हरिद्वार की एक पुरानी और निर्धारित परंपरा है। हर साल दशहरे की रात से दिवाली तक गंगा नहर में पानी का प्रवाह रोक दिया जाता है। इस अवधि में हर की पौड़ी पर गंगा की धारा पूरी तरह सूख गई थी। इस बार बंदी का उपयोग अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के लिए भी किया गया। इस दौरान पुरानी आपूर्ति धारा, नई आपूर्ति धारा, लिंक चैनल, ऊपरी गंगनहर, मायापुर स्केप और सिल्ट इजेक्टर चैनल में निर्माण कार्य कराए गए। ऊपरी गंगनहर का संचालन 8 नवंबर की मध्यरात्रि से फिर शुरू होगा, जिसके लिए उत्तर प्रदेश शासन से अनुमति मिल गई है।
सोमवती अमावस्या स्नान 9 नवंबर को
सोमवती अमावस्या स्नान पर्व 9 नवंबर 2026 को आयोजित होगा। इस मौके पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने शहर का यातायात प्लान जारी किया है। 8 नवंबर की रात 12 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
12 जोन और 40 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को 12 जोन एवं 40 सेक्टरों में बांटते हुए जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं। मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी 8 नवंबर की शाम 4 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। यातायात का दबाव बढ़ने पर नगलाइमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा। दिल्ली-मेरठ और पंजाब से आने वाले वाहनों को नारसन-मंगलौर-गुरुकुल कांगड़ी मार्ग से हरिद्वार पहुंचाया जाएगा। गोवर्धन पूजा और भाई दूज की खबर यहां पढ़ें
कंट्रोल रूम सक्रिय
सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के लिए रोशनाबाद स्थित कंट्रोल रूम को 8 नवंबर से प्रभावी कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत को कंट्रोल रूम का प्रभारी नोडल अधिकारी नामित किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। दीपावली पूजन विधि की खबर भी पढ़ें

