अमरोहा (गजरौला)। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में गजरौला थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करता था और उन्हें बंधक बनाकर अपना अवैध नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके चंगुल से 14 बेकसूर युवाओं को सकुशल मुक्त कराया है।
‘भारत एसोसिएट’ के नाम से बिछाते थे जाल
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अमरोहा, अखिलेश भदौरिया ने प्रेस वार्ता करते हुए इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह गिरोह “भारत एसोसिएट” नाम से एक फर्जी कंपनी संचालित कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आकर्षक विज्ञापनों और पोस्ट के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देते थे।
जब युवा नौकरी की उम्मीद में इनके पास पहुंचते, तो उनसे रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक की मोटी रकम वसूल ली जाती थी।
विरोध करने पर करते थे मारपीट और उत्पीड़न
पुलिस के अनुसार, युवाओं से पैसे ऐंठने के बाद उन्हें कोई असली नौकरी नहीं दी जाती थी, बल्कि उन्हें जबरन ‘नेटवर्क मार्केटिंग’ (Network Marketing) और ‘मनी सर्कुलेशन’ स्कीम से जोड़ दिया जाता था। ठग इन युवाओं पर दबाव बनाते थे कि वे अपने जैसे और युवाओं को फंसाकर लाएं।
जो युवा इस फर्जीवाड़े का विरोध करते थे या घर वापस जाने की कोशिश करते थे, उन्हें बंधक बना लिया जाता था। आरोपियों द्वारा उनके साथ मारपीट, धमकी और गंभीर मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।
भेजे गए जेल
पुलिस को जब इस गिरोह की भनक लगी, तो एक सटीक रणनीति के तहत छापेमारी की गई। मौके से 9 आरोपियों को धर दबोचा गया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

