नई दिल्ली (गिरजा शंकर अग्रवाल ) – फ्लोरेंट पब्लिकेशन का चतुर्थ वार्षिक उत्सव राजधानी दिल्ली में अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों, लेखकों एवं शायरों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात फ्लोरेंट पब्लिकेशन की संस्थापिका मीना सिंह ‘मीन’ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए फ्लोरेंट पब्लिकेशन की चार वर्षों की साहित्यिक यात्रा, उद्देश्य एवं भविष्य की योजनाओं से सभी को अवगत कराया।
इस अवसर की मुख्य अतिथि हिंदुस्तान टाइम्स की कार्यकारी संपादक एवं प्रतिष्ठित लेखिका जयंती रंगनाथन रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध लेखिका, उद्यमी एवं समाजसेवी डॉ. अंजू क्वात्रा उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में युवा शायर काशिफ़ बेग “काशिफ़” प्रतिष्ठित कवि हिमांशु शुक्ला तथा मंच संचालिका एवं शायरा सना (मन में है विश्वास मंच) ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से समां बाँध दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध कवयित्री रक्षा सिन्हा तथा प्रतिष्ठित कवि सचिन परवाना ने संयुक्त रूप से किया। दोनों संचालकों ने अपनी उत्कृष्ट मंच संचालन कला और समयबद्ध प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाया। इस अवसर पर चेतना मंच की अर्धवार्षिक पत्रिका ‘साहित्य दर्शिका’ वर्ष-2 अंक-4 का लोकार्पण किया गया। साथ ही फ्लोरेंट पब्लिकेशन द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित की जाने वाली निःशुल्क पुस्तक शीर्षक “काश ऐसा होता” का भी विधिवत विमोचन किया गया। इसी क्रम में फ्लोरेंट पब्लिकेशन द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों को विभिन्न साहित्यिक सम्मानों से सम्मानित किया गया। शिल्पा मेहता, ललित कुमार, सम्राट आर्या, पूर्णिमा राय, आशा किरण, श्वेता गुप्ता, आशित शरण एवं लक्ष्मी कानोडिया को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कुछ सम्मानित रचनाकार व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, फिर भी संस्था ने उनके साहित्यिक योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
साहित्यिक प्रस्तुतियों के क्रम में ललित कुमार, सीमा पुरबा सिम्मी, अंकिता सिंह “रिनी”, पूजा अरोड़ा, पूजा शर्मा, श्वेता गुप्ता, जून बरेलवी, सम्राट आर्या, आशा किरन, पूर्णिमा राय, अनीता तिवारी, सरोजिनी कोठारी, ऋतु रस्तोगी “कहकशाँ”, पुनीत गुप्ता, बेग राज सिंह, आनंद मोहन झा एवं अनिरुद्ध दास ने अपनी उत्कृष्ट कविताओं, गीतों एवं ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। फ्लोरेंट टीम से मीना सिंह “मीन” एवं मोनिका सिंह “मोह” तथा कार्यकम के संचालक सचिन परवाना एवं रक्षा सिन्हा ने भी अपनी ग़ज़लों एवं कविताओं से सबका दिल जीता। अंततः चेतना लवास जी द्वारा धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का सफ़ल समापन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में फ्लोरेंट पब्लिकेशन की टीम मीना सिंह ‘मीन’,मोनिका सिंह “मोह” चेतना लवास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी टीम ने अपने समर्पण, उत्कृष्ट संगठन क्षमता और अथक परिश्रम से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। टीम की सदस्य प्रियंका गहलौत (प्रिया कुमार) अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं, किंतु उनकी शुभकामनाएँ और सहयोग पूरे आयोजन के साथ जुड़े रहे।
फ्लोरेंट पब्लिकेशन का यह चतुर्थ वार्षिक उत्सव साहित्य, सम्मान, संवाद और रचनात्मकता का एक अविस्मरणीय संगम सिद्ध हुआ। संस्था ने एक बार फिर यह प्रमाणित किया कि वह उत्कृष्ट साहित्य के प्रकाशन, नवोदित एवं वरिष्ठ रचनाकारों की पुस्तकों को पाठकों तक पहुँचाने तथा सार्थक साहित्यिक कृतियों को एक सशक्त पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। पुस्तकों के प्रकाशन, साहित्यिक पत्रिकाओं के प्रकाशन, लोकार्पण समारोहों तथा रचनाकारों के सम्मान के माध्यम से फ्लोरेंट पब्लिकेशन हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को नई दिशा देने और उसे व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

