बदायूं: गौशालाओं की दुर्दशा पर पशु प्रेमी ने मांगी गोवंशों के लिए ‘दयामृत्यु’ बरेली अपर निदेशक ने सीवीओ से 3 दिन में मांगा जवाब
बदायूं।जनपद की गौशालाओं में गोवंशों के रख-रखाव, भोजन और उपचार में बरती जा रही कथित लापरवाही का मामला अब गरमा गया है। गौशालाओं में भूख और प्यास से तड़प रहे गोवंशों की स्थिति से आहत होकर स्थानीय पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री को एक बेहद भावुक और तल्ख पत्र लिखा है।पत्र में उन्होंने मांग की है कि गायों को इस तरह घुट-घुट कर मारने के बजाय सरकार उन्हें एक बार में ही ‘दयामृत्यु’ दे दे।इस पत्र की प्रतिलिपि शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और पशुपालन विभाग के उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग, बरेली मंडल के अपर निदेशक (ग्रेड-2) डॉक्टर मदनपाल ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है।उन्होंने बदायूं के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण और विस्तृत आख्या मांगी है।अपर निदेशक ने अपने पत्र में सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि जवाब देने में देरी हुई,तो इसके लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
झूठी आख्या लगाकर गुमराह करते हैं अधिकारी’ शिकायतकर्ता और पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने स्थानीय प्रशासन और पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब भी गौशालाओं की बदहाली की शिकायत की जाती है, तो जनपद स्तर के अधिकारी धरातल पर सुधार करने के बजाय कागजों पर झूठी आख्या (रिपोर्ट) तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज देते हैं।उच्चाधिकारी भी शिकायतकर्ता का पक्ष सुने बिना या जमीनी हकीकत जाने बिना उस सरकारी रिपोर्ट को सच मानकर शिकायत का निस्तारण कर देते हैं।
मंडल स्तर पर शिकायत से जगी उम्मीद’ विकेंद्र शर्मा का कहना है कि जनपद स्तर पर सुनवाई न होने के कारण ही उन्हें यह कठोर कदम उठाना पड़ा और सीधे मुख्यमंत्री व मंडल स्तर के अधिकारियों को पत्र भेजना पड़ा। अब चूंकि बरेली मंडल के अपर निदेशक ने खुद इस मामले में दखल देते हुए समय सीमा तय कर जवाब मांगा है,जिससे पशु प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में गोवंशों की स्थिति सुधरने की एक उम्मीद जगी है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी



