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Badrinath Master Plan : ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरे CM धामी, बदरीनाथ धाम में निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण 

On: April 22, 2026 8:09 PM
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cm dami
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Badrinath Master Plan : बदरीनाथ/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर व्यापक और गहन स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने धाम में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ विभिन्न साइट्स का भ्रमण किया और मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

‘गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, DM करें सीधी निगरानी’

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दी।

  • सीधी निगरानी: उन्होंने निर्देश दिए कि बदरीनाथ धाम से जुड़े सभी विकास कार्य जिलाधिकारी (DM) की प्रत्यक्ष निगरानी में तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

  • आस्था का सवाल: सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल एक ईंट-पत्थर का निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था, श्रद्धा और उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी।

इन बड़े प्रोजेक्ट्स का काम हुआ पूरा, जल्द होगा हैंडओवर

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने उन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी जायजा लिया जिनका काम लगभग पूरा हो चुका है।

  • इनमें बीआरओ (BRO) बाईपास रोड, लूप रोड, लेक, आईएसबीटी (ISBT), सिविक एमिनिटी भवन, टीआईसीसी (TICC) और अराइवल प्लाजा प्रमुख रूप से शामिल हैं।

  • सीएम ने इन परियोजनाओं के शीघ्र हस्तांतरण (Handover) की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। साथ ही, इन परिसंपत्तियों के रखरखाव (Maintenance) की ठोस कार्ययोजना बनाने को भी कहा।

पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष फोकस

हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि सभी विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय पारिस्थितिकी (Ecology) का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए।

  • निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कार्य करते समय स्वच्छता, हरित मानकों (Green Standards) और सतत विकास के सिद्धांतों का कड़ाई से पालन किया जाए।

  • धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण रखते हुए ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

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