प्रदेश सरकार का बजट सिर्फ एक झूठी घोषणाओं का पुलिन्दा
सांसद धर्मेन्द्र यादव
सांसद ने अपने दो दिवसीय दौरे पर बदायूँ तथा सम्भल में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया
(बदायूं से समर इंडिया के लिए जयकिशन सैनी की रिपोर्ट)
बदायूं। समाजवादी पार्टी के नेता,संसद में मुख्य सचेतक वआज़मगढ़ सांसद धर्मेन्द्र यादव ने अपने दो दिवसीय दौरे पर बदायूँ तथा सम्भल में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
शुक्रवार को बबराला स्थित बगीचा लॉन में जय कुमार यादव के यहाँ विवाह समारोह में सम्मिलित हुए तथा सहसवान विधानसभा के ग्राम होतीपुर में स्व0 पातीराम के व ग्राम नसीरपुर में स्व0 अकमल खां उर्फ चमन के आकस्मिक निधन पर उनके आवास पर जाकर परिजनों से भेंटकर शोक संवेदना व्यक्त की,ततपश्चात बलवीर सिंह यादव की पुत्री की शादी के पूनम लॉन में वरवधू को आशीर्वाद दिया।

शनिवार को स्व0 मुन्तख़ब अहमद नूर साहब के आकस्मिक निधन पर ककराला स्थित उनके आवास पर परिजनों से भेंटकर शोक संवेदना व्यक्त की।इसके बाद अमर प्रभात के सम्पादक वेदभानु आर्य के पुत्र को विवाहोपरांत नवयुगल को आशीर्वाद दिया।
पूर्व विधायक मुशर्रत अली उर्फ बिट्टन के इस्लामनगर स्थित आवास पर निजी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए,चंदौसी स्थित श्रीपाल सिंह के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त की तथा ज्ञानवती बैंकट लॉन में बलवंत सिंह के यहां विवाह समारोह में सम्मिलित हुए।
इससे पूर्व बदायूँ स्थित आवास पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट सिर्फ एक घोषणाओं का पुलिन्दा है,इससे पहले लोकसभा का भी बजट पेश किया गया,पिछले दोनों बजट में वित्त मंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश का नाम नही लिया गया,इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बजट पेश किया गया और उसमें बदायूँ,आज़मगढ़,इटावा,कन्नौज व मैनपुरी का नाम नहीं आया वर्ष
2014 से 2024 तक केंद्र व उत्तर प्रदेश के मिलाकर कुल पांच चुनाव हुए और इन चुनावों में भाजपा द्वारा जो संकल्प पत्र लेकर वोट मांगे गए उसमे एक वादा अभी तक पूरा नहीं किया है।
बदायूँ के मेडिकल कॉलेज की दुर्दशा का यह हाल है कि वहाँ पर पैंसठ चिकित्सकों की कमी है जिस कारण मरीजों को चूहे काट रहे हैं और इलाज के अभाव में लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।
मेरा सीधा सवाल भाजपा नेताओं से है कि केंद्र के बजट में उत्तर प्रदेश को क्या मिला और प्रदेश के बजट में बदायूँ, आज़मगढ़,मैनपुरी,कन्नौज व इटावा को क्या मिला है तथा इस उपेक्षा का क्या कारण है?
खाद व बिजली के अभाव में किसान परेशान है।भाजपा सदैव दोहरे चरित्र के साथ राजनीति करती है जिसका जीता जागता उदाहरण कश्मीर और उत्तराखंड की योजनाएं हैं।
कुम्भ का सवाल पर धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि 2013 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में कुम्भ का शानदार आयोजन किया गया जिसके लिये हावर्ड विश्वविद्यालय ने तारीफ की तथा उस पर किताबें भी लिखी गयीं,परन्तु इस बार भाजपा सरकार द्वारा प्रचार प्रसार पर अधिक ध्यान दिया जबकि व्यवस्थाएं नाममात्र को की गईं थीं।प्रदेश सरकार द्वारा स्नान करने वालों की चालीस करोड़ की गिनती तो कर ली परन्तु भगदड़ में मृत लोगों की संख्या अभी तक नहीं बता पाई है।
इस मौके पर पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव,पूर्व मंत्री आबिद रज़ा,पूर्व दर्जा मंत्री रजनीश गुप्ता,पूर्व विधायक मुशर्रत अली उर्फ बिट्टन भाई, काज़ी रिज़वान,अवनीश यादव,नरेश प्रताप सिंह,कैप्टन अर्जुन,अखिलेश यादव,अमित यादव,फरहत अली,हाफिज़ इऱफान,मोतशाम सिद्दीकी,स्वाले चौधरी,जवाहर सिंह,इंदु सक्सेना,सन्तोष कश्यप,भानु प्रकाश,ओमवीर सिंह,किशोरीलाल शाक्य,प्रदीप गुप्ता,ब्रजेन्द्र यादव,चन्द्रकेश यादव,सुनील यादव,मो0 मियां,जगत सिंह,सी0 एल0 गौतम,मोर सिंह जाटव,हर्षित यादव,नूरी,फूलबानो, विपिन यादव,प्रभात अग्रवाल आदि सहित तमाम लोग साथ रहे।

