Odisha News-क्योंझर/नेशनल डेस्क: ओडिशा (Odisha) के क्योंझर जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स अपनी मृत बहन के बैंक अकाउंट में जमा पैसे निकालने के लिए बैंक पहुंचा था। जब बैंक कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए उससे बहन का ‘डेथ सर्टिफिकेट’ (Death Certificate) मांगा, तो वह शख्स अपनी मृत बहन की कब्र खोदकर उसका कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुंच गया। इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके और बैंक में हड़कंप मच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा वाकया ओडिशा के क्योंझर जिले के पटना इलाके में स्थित दियानाली गांव का है।
गांव का रहने वाला जीतू मुंडा अपनी बहन की मौत के बाद उसके बैंक खाते में जमा करीब 19 हजार रुपये निकालना चाहता था।
जब वह पैसे निकालने बैंक गया, तो बैंक अधिकारियों ने उसे समझाया कि नियमों के मुताबिक पैसे निकालने के लिए उसे अपनी बहन का डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस होने के अन्य जरूरी कागजात जमा करने होंगे।
इस बात पर जीतू अपने गांव वापस गया और उसने अपनी बहन के दफन किए गए शव को कब्र से बाहर निकाल लिया, जो अब तक कंकाल में तब्दील हो चुका था।
इसके बाद वह उस कंकाल को अपने कंधे पर लादकर पैदल ही बैंक पहुंच गया। उसने कंकाल को बैंक के सामने रखकर मृत बहन के खाते में जमा 19 हजार रुपये देने की मांग शुरू कर दी।
बैंक की सफाई: ‘नशे में था शख्स’
जीतू मुंडा का कंकाल को कंधे पर लादकर बैंक ले जाते हुए वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा, तो बैंक प्रबंधन को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।
बैंक के रीजनल मैनेजर सत्यव्रत नंदा ने घटना पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा, “जीतू मुंडा नशे में थे और वे यह समझने में पूरी तरह असमर्थ थे कि उन्हें अपनी बहन के अकाउंट से पैसे निकालने के लिए कानूनी वारिस (Legal Heir) होने के वैध कागजात पेश करने होंगे।”
मैनेजर ने बताया कि बैंक कर्मचारियों से बहस करने के बाद वह चला गया था और जब वापस लौटा तो उसके पास कंकाल था। बैंक ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विवाद के बाद लौटाए गए पैसे
इस पूरे विवाद और हंगामे के बाद आखिरकार मामले का समाधान निकाल लिया गया है। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जीतू मुंडा को उनकी मृत बहन के अकाउंट में जमा लगभग 19 हजार रुपये की राशि लौटा दी गई है। इसके साथ ही, इस गरीब परिवार की स्थिति को देखते हुए रेड क्रॉस (Red Cross) की तरफ से जीतू को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की गई है।

