Amroha News-अमरोहा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट अमरोहा में विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया तदोपरांत मुख्य विकास अधिकारी श्श्विनी कुमार मिश्र और पीडीडीआरडीए अमरीश कुमार ने जिलाधिकारी और उपस्थिति ब्लाक प्रमुखो को बुके देखकर एवं कैप पहनाकर स्वागत किया। तदोपरांत सम्मेलन में जनपद की ग्राम पंचायतों में वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि वीबी-जी राम जी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ विकास कार्यों को गति देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए तथा पात्र श्रमिकों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे मनरेगा में आवश्यक सुधार करते हुए अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ संपादित किए जाएं तथा ग्राम के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर लोगों के पलायन को रोकना है, ताकि उन्हें आजीविका के लिए शहरों की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं में सर्वाेपरि स्थान रखती है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि योजना के क्रियान्वयन में यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित अधिकारी जिला प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा, जिससे योजना का सफल एवं जनहितकारी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने वीबी-जी राम जी तथा मनरेगा के मध्य प्रमुख अंतर बताते हुये जानकारी देते हुये कहा कि वीबी-जी राम जी योजना को मनरेगा की तुलना में अधिक व्यापक, आधुनिक एवं ग्राम विकास केंद्रित बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की गई है, जबकि मनरेगा में केवल 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान है। साथ ही, मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करने का प्रावधान है, जबकि मनरेगा में यह अवधि 15 दिन निर्धारित है।
इस योजना में जीआईएस आधारित पीएम मिशन शक्ति के माध्यम से कार्यों की निगरानी एवं सहायता का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। वर्षा ऋतु में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक कार्य बंद रखने का प्रावधान भी शामिल किया गया है, जो मनरेगा में उपलब्ध नहीं है।
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कार्यों का दायरा बढ़ाते हुए उन्हें चार प्रमुख वर्गों में विभाजित किया गया है तथा भवन, प्रयोगशाला एवं जलजीवन मिशन से संबंधित कार्यों को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त विकास के मानकों के अनुरूप ए, बी एवं सी ग्रेडिंग, प्राकृतिक आपदाओं अथवा असाधारण परिस्थितियों के लिए विशेष कार्ययोजना तथा नागरिकों को रियल-टाइम सूचना एवं मैनेजमेंट हेतु डैशबोर्ड की व्यवस्था भी की गई है, जबकि मनरेगा में ऐसे प्रावधान नहीं हैं।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक मद की राशि 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अनुसूचित श्रमिकों के कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन पर विशेष बल दिया गया है तथा विकसित ग्राम पंचायत योजना के सभी कार्यों को विकसित भारत संकल्प के साथ एकीकृत करने का प्रावधान भी किया गया है।
वीबी-जी राम जी में अधिनियम के उद्देश्यों का उल्लंघन करने पर ₹10,000 तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा में यह सीमा ₹1,000 तक थी। वित्तीय व्यवस्था के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकारों की 60:40 की हिस्सेदारी (पूर्वाेत्तर राज्यों के लिए 90:10) निर्धारित की गई है तथा राज्यों के लिए मानक बजट स्वीकृत करने और अतिरिक्त व्यय की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर रखने का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ऑपरेशन गाइडेंस, कोऑर्डिनेशन एवं मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित किए जाने का प्रावधान किया गया है। इन सभी प्रावधानों के कारण वीबी-जी राम जी योजना मनरेगा की तुलना में अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक आधारित एवं समग्र ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने वाली योजना के रूप में प्रस्तुत की गई है।
उन्होनें बताया कि इस प्रकार कुल 318 कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें जल सुरक्षा से संबंधित 107 कार्य, ग्रामीण आधारभूत संरचना के 90 कार्य, ग्रामीण आजीविका से संबंधित 86 कार्य तथा आपदा प्रबंधन के 35 कार्य सम्मिलित हैं। इन सभी कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, जल संरक्षण, आजीविका के अवसरों का सृजन तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख गजरौला, ब्लाक प्रमुख गंगेश्वरी, पीडीडीआरडीए, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित प्रतिभागी उपस्थित रहे।

