Amroha News- अमरोहा: भारत की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल ‘जनगणना-2027’ (Census 2027) को अमरोहा जिले में त्रुटिरहित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी (DM) एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में एक अहम बैठक हुई, जिसमें जनगणना के पूरे एक्शन प्लान और कर्मचारियों के प्रशिक्षण (Training) की रूपरेखा तय की गई।
तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना की प्रक्रिया
जिले में जनगणना का कार्य मुख्य रूप से दो चरणों और एक ‘स्वगणना’ (Self-enumeration) प्रक्रिया के तहत किया जाएगा:
स्वगणना (Self-enumeration): 07 मई 2026 से 21 मई 2026 तक।
पहला चरण (मकान सूचीकरण): 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के मध्य किया जाएगा।
दूसरा चरण (व्यक्तियों की गणना): इसकी शुरुआत फरवरी 2027 से होगी।
16 अप्रैल से शुरू होगी ट्रेनिंग, बांटे गए 3682 ब्लॉक
जनगणना में जिले का कोई भी क्षेत्र या घर छूट न जाए, इसके लिए पूरे अमरोहा जिले को 3682 गणना ब्लॉकों में बांटा गया है।
एक ब्लॉक में 700-800 की जनसंख्या को रखा गया है।
कुल 3520 प्रगणकों (Enumerators) द्वारा घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए जाएंगे। इनके ऊपर निगरानी के लिए 590 पर्यवेक्षक (Supervisors) तैनात रहेंगे।
जनगणना कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए 16 अप्रैल से 06 मई के बीच ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए 96 बैच बनाए गए हैं (एक बैच में अधिकतम 50 कर्मचारी) और 64 फील्ड ट्रेनर 3-3 दिन की ट्रेनिंग देंगे।
पेपरलेस होगी गणना, ऐप से सेंट्रल सर्वर पर जाएगा डेटा
यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी। कर्मचारियों की निगरानी और प्रबंधन का कार्य ‘CMMS पोर्टल’ के माध्यम से किया जाएगा। पूरा काम पेपरलेस होगा और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधा सेंट्रल सर्वर पर भेजा जाएगा। जहां लोग खुद से जानकारी देना चाहेंगे (स्वगणना), वहां हिंदी-अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में विकल्प मौजूद रहेगा।
पहले चरण में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
जिलाधिकारी महोदया ने बताया कि मकानों की गणना के दौरान 33 अहम सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मकान की स्थिति: दीवार, छत और फर्श में लगी सामग्री, मकान का उपयोग (रहने के लिए, दुकान, गोदाम)।
परिवार की जानकारी: सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, जाति वर्ग (SC/ST/अन्य), मकान का स्वामित्व (अपना/किराये का)।
बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का स्रोत, बिजली (लालटेन/सोलर), शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी और स्नानगृह।
संपत्ति/गैजेट्स: घर में उपलब्ध लैपटॉप, कंप्यूटर, फोन, स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, कार या जीप आदि की जानकारी।
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने सभी पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय पर प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचें। इसके साथ ही अधिकारियों को ‘रिजर्व कार्मिकों’ की संख्या बढ़ाने और ट्रेनिंग सेंटर्स जल्द तय करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, जिला जनगणना अधिकारी गरिमा सिंह और जनगणना कार्य निदेशालय के जिला प्रभारी व्यास नंदन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
