थाना परिसर में किया दुष्कर्म,बदायूं में अपहृत किशोरी ने दरोगा पर लगाए गंभीर आरोप..
बदायूं|कादरचौक थाने में तैनात रहे एक दरोगा पर किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है।अब दरोगा शाहजहांपुर में तैनात है।मंगलवार शाम को किशोरी को बाल कल्याण समिति से परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया,तब उसने आपबीती अपनी मां को बताई। उसके बाद दरोगा की करतूत उजागर हुई है।

कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को भमुइया गांव निवासी मुज्जकिर अपहरण करके ले गया था। किशोरी के परिजनों ने मुख्य आरोपी मुज्जकिर, पप्पू व एक महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।मामला दूसरे समुदाय से जुड़ा होने के कारण सामाजिक संगठन के लोगों ने थाने का घेराव किया था।पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था। पुलिस को किशोरी व आरोपी की लोकेशन तमिलनाडु में मिली थी।पुलिस टीम ने किशोरी तमिलनाडु में मिली।
कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म:-तमिलनाडु से उसे 21 जून को कादरचौक के दरोगा, सिपाही और महिला आरक्षी लेकर आए। किशोरी का आरोप है कि जब उसे ट्रेन से बदायूं लाया जा रहा था, तब पुलिस टीम में शामिल एक दरोगा ने उसके साथ छेड़खानी की। उसने जान से मारने की धमकी दी। इससे वह डर गई। जब वह थाने पहुंची तो सभी पुलिसकर्मी तो चले गए। आरोप है कि दरोगा उसे अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
दरोगा ने उसे धमकी दी कि शिकायत की तो उसे जेल भेज देंगे।अगले दिन उसे वन स्टॉप सेंटर पर भेज दिया गया।यहां उसने अपनी बड़ी बहन को आपबीती बतानी चाहिए, लेकिन पुलिस ने उससे किसी से बात नहीं करने दी।
दरोगा का तबादला शाहजहांपुर हो चुका था।लेकिन वह रिलीव नहीं हुआ था। इस घटना के बाद वह 25 जून शाहजहांपुर के लिए रिलीव हो गया। इस दौरान किशोरी न्यायपीठ बाल कल्याण समिति में थी। मंगलवार शाम को उसे परिजनों को सुपुर्द किया गया। जहां उसने मां और पिता को दरोगा की हरकत को बताया। देर शाम होने के कारण परिजन घर रवाना हो गए।इस वजह से पुलिस अधिकारियों से शिकायत नहीं हो सकी है।
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