उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मटौंध थाना क्षेत्र की रहने वाली Shahjadi khan को 15 फरवरी 2025 को दुबई में फांसी दे दी गई। शहजादी के पिता, शब्बीर खान ने बताया कि 5 मार्च को दुबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहजादी खान, जो 33 साल की थीं, अबू धाबी के अल वथबा जेल में बंद थीं। उस पर एक बच्चे की हत्या का आरोप था, जिसकी वह देखभाल करती थीं।
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2021 में शुरू हुई थी Shahjadi khan की दुबई यात्रा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, Shahjadi khan की दुबई यात्रा 2021 में शुरू हुई थी। आगरा के उजैर नामक एक व्यक्ति ने शहजादी को प्रेमजाल में फंसा कर दुबई भेज दिया। दिसंबर 2021 में शहजादी को अबू धाबी का वीजा मिला और वह दुबई होते हुए यूएई पहुंची। वहां उजैर के रिश्तेदार के बेटे की हत्या का आरोप शहजादी पर लगाया गया। इसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा, जहां शहजादी को फांसी की सजा सुनाई गई।
बेटी की जान बचाने के लिए परिवार ने भारत सरकार से कई बार लगाई गुहार
Shahjadi khan के माता-पिता ने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए भारत सरकार से कई बार गुहार लगाई और दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की, लेकिन सरकार की कोशिशें नाकाम रहीं। शहजादी के पिता ने बताया कि 14 फरवरी की रात को शहजादी ने उनसे फोन पर बात की और कहा कि उनका अंतिम समय आ गया है। वह कह रही थीं कि उन्हें अलग कमरे में शिफ्ट किया गया है और यह उनकी आखिरी कॉल है।
15 फरवरी को शहजादी को दी जा चुकी फांसी
इसके बाद परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट में विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि 15 फरवरी को शहजादी को फांसी दी जा चुकी थी। इसके बाद 28 फरवरी 2025 को यूएई सरकार ने भारतीय दूतावास को आधिकारिक रूप से सूचित किया कि शहजादी खान की सजा पर अमल कर दिया गया है।

