Agniveer First Batch Retirement 2026: भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों के लिए अब चार साल की सेवा पूरी करने का समय आ गया है। दिसंबर 2026 तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर सेना से सेवामुक्त हो जाएंगे। इन जवानों ने चार साल पहले देशसेवा के जज्बे के साथ सेना में कदम रखा था। अब सेवा पूरी होने के बाद इनके सामने सबसे बड़ा सवाल रोजगार और भविष्य के करियर का है।
सेना से बाहर होने वाले प्रत्येक अग्निवीर को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और निजी कंपनियों की ओर से पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के कई अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रेलवे, राज्य पुलिस और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में इनके लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
24,400 अग्निवीरों से शुरू हुआ था पहला बैच, 18,300 होंगे सेवामुक्त
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है।
पहले बैच में तीनों सेनाओं को मिलाकर करीब 24,400 अग्निवीरों ने अपनी सेवा शुरू की थी। योजना के नियमों के अनुसार, इनमें से 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जा सकता है।
इस हिसाब से करीब 6,100 अग्निवीरों को स्थायी कैडर में आगे सेवा करने का अवसर मिलेगा, जबकि बाकी 75 प्रतिशत यानी लगभग 18,300 अग्निवीर दिसंबर 2026 तक चार साल का कार्यकाल पूरा कर सेना से बाहर होंगे।
अग्निवीरों को चार साल में कितनी मिलती है सैलरी?Agniveer Retirement 2026
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को हर साल बढ़ती हुई मासिक सैलरी दी जाती है। इसमें 70 प्रतिशत राशि इन-हैंड मिलती है, जबकि 30 प्रतिशत राशि अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा होती है। सरकार भी इतनी ही राशि अपनी ओर से इस फंड में जमा करती है।
चार साल की सैलरी का विवरण इस प्रकार है:
- पहला साल: 30,000 रुपये प्रतिमाह
- दूसरा साल: 33,000 रुपये प्रतिमाह
- तीसरा साल: 36,500 रुपये प्रतिमाह
- चौथा साल: 40,000 रुपये प्रतिमाह
इस व्यवस्था के तहत अग्निवीर की सैलरी से कुल करीब 5.02 लाख रुपये सेवा निधि में जमा होते हैं। सरकार भी इतनी ही राशि का योगदान करती है। इसके बाद निर्धारित ब्याज जोड़कर सेवा निधि पैकेज तैयार होता है।
सेना छोड़ते समय मिलेंगे 11.71 लाख रुपये
चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को एकमुश्त सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। मौजूदा निर्धारित गणना के अनुसार यह राशि करीब 11.71 लाख रुपये होगी।
इसमें अग्निवीर की ओर से जमा किए गए लगभग 5.02 लाख रुपये, सरकार का बराबर योगदान और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल है।
खास बात यह है कि सेवा निधि पैकेज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। इससे युवा सेना से बाहर निकलने के बाद अपना कारोबार शुरू करने, आगे की पढ़ाई करने या दूसरी नौकरी की तैयारी करने में आर्थिक मदद ले सकते हैं।
क्या सेवामुक्त अग्निवीरों को मिलेगी पेंशन?
अग्निवीर योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल पेंशन का है। योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार, चार साल का कार्यकाल पूरा करके सेवामुक्त होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलेगा।
उन्हें निर्धारित सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। वहीं, जिन 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जाएगा, उन्हें आगे चलकर नियमित सैनिकों के लागू सेवा नियमों के अनुसार पेंशन और अन्य सुविधाओं की पात्रता मिल सकती है।
सेवामुक्त अग्निवीरों को पूर्व सैनिकों के समान स्वतः आजीवन ECHS मेडिकल और कैंटीन सुविधाएं भी नहीं मिलती हैं।
CAPF और असम राइफल्स में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में नौकरी का बड़ा अवसर तैयार किया गया है। गृह मंत्रालय ने जुलाई 2026 में लोकसभा में जानकारी दी कि CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल जीडी और राइफलमैन की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है।
इसमें BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स जैसे बल शामिल हैं।
इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट।
- अग्निवीरों के पहले बैच को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की अतिरिक्त छूट।
- शारीरिक मानक परीक्षण (PST) से छूट।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से छूट।
- लिखित परीक्षा से भी छूट का प्रावधान।
यह बदलाव पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सुरक्षा बलों में रोजगार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेलवे में भी मिलेगी नौकरी, 10 और 5 प्रतिशत आरक्षण
भारतीय रेलवे में भी चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत रेलवे के लेवल-1 पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के गैर-राजपत्रित पदों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है।
इन पदों पर भर्ती रेलवे की निर्धारित चयन प्रक्रिया और संबंधित नियमों के अनुसार होगी।
राज्य पुलिस में भी रोजगार के अवसर
केंद्र सरकार के साथ कई राज्य सरकारों ने भी पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में रोजगार देने की पहल की है।
हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए विभिन्न सरकारी पदों पर क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके तहत ग्रुप-बी के कुछ कौशल आधारित पदों पर 1 प्रतिशत और ग्रुप-सी के सामान्य पदों पर 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राज्य पुलिस, जेल विभाग, फायर सर्विस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक राज्य में आरक्षण और भर्ती के नियम अलग-अलग हैं।
रक्षा कंपनियों और प्राइवेट सेक्टर में भी मिलेंगे अवसर
अग्निवीरों को सेना में चार साल के दौरान अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी प्रशिक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और टीमवर्क का अनुभव मिलता है। इन कौशलों के आधार पर निजी क्षेत्र में भी उनके लिए रोजगार की संभावनाएं हैं।
रक्षा क्षेत्र की कंपनियों, सिक्योरिटी एजेंसियों, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, प्रशासन और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पूर्व अग्निवीरों को अवसर मिल सकते हैं।
HAL, BEL और अन्य रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में उपलब्ध पदों के लिए संबंधित भर्ती अधिसूचनाओं और पात्रता शर्तों के अनुसार आवेदन किया जा सकता है। निजी कंपनियों में नियुक्ति कंपनी की अपनी चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
अग्निवीरों को मिलेंगे महत्वपूर्ण कौशल और सेवा प्रमाणपत्र
चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को उनके प्रशिक्षण और कार्य अनुभव से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। ये दस्तावेज आगे सरकारी और निजी नौकरियों में उपयोगी हो सकते हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- अग्निवीर कौशल प्रमाणपत्र: सेना में प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण, कार्य अनुभव, नेतृत्व क्षमता और अन्य कौशल की जानकारी इसमें दर्ज होगी। इससे निजी क्षेत्र में नौकरी के लिए अपनी योग्यता प्रदर्शित करने में मदद मिलेगी।
- शैक्षणिक समकक्षता प्रमाणपत्र: निर्धारित शर्तों और मान्यता प्राप्त शैक्षणिक व्यवस्था के तहत अग्निवीर अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। इसके लिए इग्नू और अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध विकल्पों का लाभ लिया जा सकता है।
- डिस्चार्ज प्रमाणपत्र: यह सैन्य सेवा पूरी होने का आधिकारिक दस्तावेज होगा। सरकारी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को मिलने वाली आयु छूट और आरक्षण का लाभ लेने के लिए यह महत्वपूर्ण रहेगा।
खुद का कारोबार शुरू करने का भी मिलेगा विकल्प
जो अग्निवीर सरकारी या निजी नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उनके पास भी कई विकल्प रहेंगे। सेवा निधि के रूप में मिलने वाली करीब 11.71 लाख रुपये की राशि से वे छोटे कारोबार, व्यवसाय या स्वरोजगार की शुरुआत कर सकते हैं।
इसके अलावा पात्रता के अनुसार बैंक और वित्तीय संस्थानों की MSME योजनाओं के तहत बिजनेस लोन के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।
आगे की पढ़ाई जारी रखने के इच्छुक युवाओं के लिए भी उच्च शिक्षा के रास्ते खुले रहेंगे। निर्धारित पात्रता के अनुसार इग्नू और अन्य संस्थानों के माध्यम से डिग्री और कौशल आधारित पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं।
24-25 साल की उम्र में नई शुरुआत करेंगे अग्निवीर
दिसंबर 2026 में पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों की सेवामुक्ति के साथ अग्निपथ योजना का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा होगा। चार साल तक देश की सुरक्षा में योगदान देने के बाद ये युवा अब अपने जीवन की दूसरी पारी शुरू करेंगे।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण, रेलवे, केंद्रीय सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस, निजी कंपनियों और स्वरोजगार जैसे विकल्प इनके सामने होंगे। हालांकि, इन अवसरों का लाभ संबंधित भर्ती नियमों, योग्यता और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही मिलेगा।

