उत्तराखंड के पहाड़ी किसानों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि प्रदेश में ‘महक क्रांति’ (Fragrance Revolution) के तहत 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। इसका मकसद सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती के जरिए किसानों की आय बढ़ाना है।
CMO के हवाले से ऐलान
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को साझा बयान में कहा गया — ‘प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महक क्रांति के अंतर्गत 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं।’ लैवेंडर, लेमनग्रास जैसे सुगंधित पौधों की खेती पहाड़ी क्षेत्रों के लिए नई आर्थिक संभावनाएं खोल सकती है।
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महक क्रांति क्या है
महक क्रांति उत्तराखंड सरकार की सुगंधित और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने वाली समर्पित योजना है। पहाड़ी जिलों में पारंपरिक फसलों से इतर नकदी फसलों की खेती किसानों को बेहतर दाम दिला सकती है, साथ ही ग्रामीण स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। धामी सरकार कृषि आधुनिकीकरण और ग्रामीण स्वरोजगार को अपने एजेंडे के दो प्रमुख स्तंभ बताती रही है।
सुगंधित पौधों से निकलने वाले तेलों का इस्तेमाल इत्र, सौंदर्य प्रसाधन और आयुर्वेदिक उत्पादों में होता है, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। अगर किसानों को प्रसंस्करण इकाइयों और खरीद गारंटी से जोड़ा जाए, तो पहाड़ के छोटे खेत भी मुनाफे का जरिया बन सकते हैं — खासकर उन इलाकों में जहां पारंपरिक खेती से आय सीमित है।
अभी तय होनी हैं बारीकियां
हालांकि, बयान में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये सातों वैली किन जिलों में बनेंगी, उनके साथ प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने वाला क्या बुनियादी ढांचा होगा, और समयसीमा क्या रहेगी। जानकारों का कहना है कि सुगंधित तेल निकालने की इकाइयों और मार्केट लिंकेज के बिना योजना का पूरा लाभ किसानों तक नहीं पहुंचेगा — अब नजर इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर रहेगी।
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