Badaun News: (मौत का तांडव) बिना डिग्री ओटी टेक्नीशियन कर रहा था ऑपरेशन, जच्चा-बच्चा की मौत के बाद भंडाफोड़
बदायूं। सिविल लाइंस क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित बदायूं अस्पताल को ओटी टेक्नीशियन चला रहा है।स्वास्थ्य विभाग के ही कुछ कर्मचारियों की शह पर उसका नेटवर्क जिले भर में फैल चुका है।वह खुद के अस्पताल में तो ऑपरेशन करता ही है इसके अलावा जिले के कई अस्पतालों में बतौर सर्जन बनकर ऑपरेशन करने जाता है।निजी अस्पतालों में कई बार केस बिगड़ने पर इसका नाम सुर्खियों में आता रहा,लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से वह हर बार कार्रवाई से बच जाता है।इस बार जच्चा-बच्चा की मौत के बाद उसका अस्पताल तो सील किया गया है,लेकिन उस पर क्या कार्रवाई होगी इसके बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। ओटी टेक्नीशियन काफी समय से शहर के साथ-साथ देहात के कई अस्पतालों में सर्जन बनकर खुद ही ऑपरेशन करता है।कम पैसे के लालच में कई बड़े अस्पताल तक उससे अपने यहां ऑपरेशन कराते हैं।इस वजह से वह कई बड़े डॉक्टरों के भी संपर्क में रहता है।इस वजह से उसको अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए बुलाया जाता है जिससे वह कई मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर चुका है। काफी समय पहले उसने जालधंरी सराय चौराहे के पास अपना अस्पताल खोला था,लेकिन यहां शिकायतें बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी किया तो वह अस्पताल को बंद कर गायब हो गया।इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के रहमो-करम पर उसने एआरटीओ आफिस के पास बदायूं अस्पताल के नाम से अपना धंधा शुरू कर दिया।मंगलवार को उसके अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद वह एक बार फिर से चर्चा में आया है। हालांकि इस संबंध में सीएमओ डॉ. विकास शर्मा का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन अस्पताल चलाने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला महिला अस्पताल में तैनात वार्ड आया अपने घर पर ही अवैध प्रसव केंद्र चला रही है।वह महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली अधिकांश गर्भवतियों को अपने घर प्रसव के लिए ले जाती है।इस कार्य में उसकी बेटी भी उसका सहयोग कर रही है। मोनी का भी उसने अपने घर पर ही प्रसव करने का प्रयास किया,जहां तमाम दवाएं और इंजेक्शन भी लगाए गए।इसी बीच मोनी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई।
वार्ड आया की रिपोर्ट तलब, सीएमओ ने सीएमएस से मांगी रिपोर्ट: ड्यूटी के दौरान प्रसव के लिए गर्भवती को ले जाने का मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने संबंधित वार्डआया की रिपोर्ट मांगी है।सीएमओ ने महिला अस्पताल की सीएमएस से वार्डआया की तैनाती और ड्यूटी के बारे में पूछा है। ताकि सीएमएस की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित वार्डआया पर विभागीय कार्रवाई की जा सके।
बदायूं अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत की सूचना पर तत्काल टीम को भेजकर अस्पताल को सील कराया गया है। बदायूं अस्पताल रजिस्टर्ड नहीं निकला।महिला अस्पताल में तैनात वार्डआया की रिपोर्ट सीएमएस से मांगी गई है।जांच टीम का गठन किया गया है, जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।डॉ. विकास शर्मा,सीएमओ, रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

