अफीम प्रकरण की जांच करने इस्लामनगर थाने पहुंचीं पीलीभीत की एएसपी नताशा गोयल, सीसीटीवी फुटेज खंगाली
पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर दर्ज किए बयान,अफीम तस्करों को साढ़े सात लाख रुपये लेकर छोड़ने के आरोपों की जांच जारी
इस्लामनगर।अफीम की कथित खरीद-फरोख्त और पकड़े गए तीन संदिग्धों को साढ़े सात लाख रुपये लेकर छोड़ने के आरोपों के मामले में आज शुक्रवार को पीलीभीत की एएसपी नताशा गोयल इस्लामनगर थाने पहुंचीं।उन्होंने प्रकरण की जांच करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की और थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज काफी देर तक खंगाली। इसके बाद उन्होंने थाने के पीछे बिजलीघर की ओर जाने वाले रास्ते का भी निरीक्षण किया।बताया जाता है कि इसी रास्ते से तीनों संदिग्धों को थाने लाए जाने और बाद में बाहर निकाले जाने की चर्चा सामने आई थी।जांच के बाद एएसपी दबतोरी के लिए रवाना हो गईं।

एसएसपी पहले ही चार पुलिसकर्मियों पर कर चुकी हैं कार्रवाई:-इस प्रकरण में बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा पहले ही चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी हैं। इनमें एसओजी के एक सिपाही को लाइन हाजिर किया गया था,जबकि इस्लामनगर थाने में तैनात तीन अन्य सिपाहियों का स्थानांतरण कर दिया गया था।मामले की जांच बदायूं के एएसपी सिटी भी कर रहे हैं। अब पीलीभीत की एएसपी द्वारा थाने पहुंचकर जांच किए जाने से प्रकरण में सामने आए आरोपों की पड़ताल आगे बढ़ी है।
20 सितंबर को सामने आया था मामला:-बीती 20 सितंबर को इस्लामनगर कस्बे और आसपास के क्षेत्र में चर्चा फैली थी कि पुलिस ने करीब एक किलो 300 ग्राम अफीम के साथ तीन लोगों को पकड़ा था।आरोप था कि कानूनी कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर साढ़े सात लाख रुपये लेकर तीनों को छोड़ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।चर्चा के अनुसार, बिसौली कोतवाली क्षेत्र के दबतोरी गांव निवासी एक व्यक्ति के माध्यम से अफीम खरीदने की बातचीत शुरू हुई थी।आरोप है कि दबतोरी निवासी व्यक्ति ने बरेली जनपद के सिरौली थाना क्षेत्र के शिवपुरी गांव के दो लोगों से अफीम की कथित डील कराई थी। दोनों कथित सप्लायर अफीम लेकर दबतोरी पहुंचे थे।बताया जाता है कि अफीम के सौदे के लिए रुपये देने के बहाने तीनों को फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ओरछी चौराहे पर बुलाया गया था। आरोपों के मुताबिक,वहां इस्लामनगर थाने का एक दरोगा,एसओजी का एक सिपाही और थाने के दो अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। तीनों के पहुंचने पर उन्हें पकड़कर इस्लामनगर थाने लाया गया।
थाने के पीछे वाले रास्ते को लेकर भी उठे सवाल:-इस मामले में यह आरोप भी सामने आया था कि तीनों संदिग्धों को मुख्य रास्ते से न लाकर बिजलीघर की ओर जाने वाले पीछे के रास्ते से थाने लाया गया।चर्चा थी कि थाने पहुंचने के बाद उन्हें एक दरोगा के क्वार्टर में रखा गया था। इसी दौरान उनके पास से करीब एक किलो 300 ग्राम अफीम बरामद होने की बात कही गई।इसके बाद तीनों के परिजनों से कथित तौर पर रुपये के लेनदेन को लेकर बातचीत होने और साढ़े सात लाख रुपये में उन्हें छोड़ने की चर्चा सामने आई थी।आरोप है कि अगले दिन तड़के करीब तीन बजे तीनों को थाने के पीछे वाले रास्ते से बाहर निकाल दिया गया, जहां से उनके परिजन उन्हें अपने साथ ले गए।अफीम को लेकर भी कथित तौर पर सवाल उठे थे।फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज,पुलिसकर्मियों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे प्रकरण में क्या हुआ था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

