अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

नैथू गांव में बुखार से हाहाकार, 20 दिन में बालक व दो किशोरियों सहित छह की मौत

On: October 8, 2026 6:43 PM
Follow Us:
---Advertisement---

नैथू गांव में बुखार से हाहाकार, 20 दिन में बालक व दो किशोरियों सहित छह की मौत

बदायूं।ब्लॉक जगत के गांव नैथू में डेंगू और बुखार फैल रहा है। नैथू गांव में 20 दिन में डेंगू से बालक व दो किशोरियों सहित छह लोगों की मौत हो चुकी है।इनसे दो दिन पहले गांव के सत्यपाल (36) की जान जा चुकी है।वह केवल सरकारी डॉक्टर की लिखी दवा ही ले रहे थे। बावजूद इसके उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।ढंग से इलाज न किए जाने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।बुधवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा।ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए टीम को पुलिस बुलानी पड़ गई।ग्रामीणों ने गांव में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र खुलवाने की मांग करते हुए एसीएमओ डॉ.श्रीमोहन झा को ज्ञापन दिया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे नैथू गांव पहुंची।इस पर ग्रामीणों ने टीम का घेराव कर नाराजगी जताई। गांव के शकील अहमद, राजकुमार चौहान, राजकुमार,खुशीराम,अशोक चौहान ने गांव में तत्काल अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की।ग्रामीणों का कहना था कि जब तक गांव में बुखार का प्रकोप कम नहीं होता,तब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित रूप से गांव में रहकर मरीजों की जांच और उपचार करना चाहिए।ग्रामीणों ने साफ कहा कि केवल दवाएं बांटने से समस्या का समाधान नहीं होगा।गंभीर मरीजों की जांच,ड्रिप और जरूरत पड़ने पर तत्काल भर्ती करने की व्यवस्था भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव में एएनएम,जीएनएम,बीफार्मा,डीफार्मा किए हुए लोग स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें की मदद भी करेंगे।

गोलियों से नहीं सुधर रही हालत,ड्रिप और भर्ती करने की जरूरत:-नीतेश कुमार, अरविंद्र चौहान का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं, लेकिन गंभीर मरीजों की हालत केवल गोलियां खाने से नहीं सुधर रही। कई मरीजों को ड्रिप चढ़ाने और अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार की जरूरत है। अगर गांव में ही स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो जाए तो मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी नहीं होगी।
ब्लॉक जगत के गांव नैथू में बुखार से हर घर में एक-दो लोग बीमार हैं। हालत यह है कि गांव के काफी लोग जगत, म्याऊं के अलावा शहर से लेकर बरेली, दिल्ली तक अपना इलाज करा रहे हैं।सतेंद्र कुमार शाक्य ने बताया कि दो दिन पहले गांव निवासी सत्यपाल (36) की बुखार के बाद मौत हो गई थी।गांव मेें लगे शिविर में उन्हें दवाएं और ओआरएस दिया गया था।दवा खत्म होने के बाद में जगत सीएचसी गए।वहां डाॅक्टर ने चुनिंदा दवा लिखी और कहा, वह ठीक हो जाएंगे। उन्होंने सरकारी डॉक्टरों और दवाइयाें पर भरोसा किया।धीरे-धीरे उनकी हालत खराब होती गई।इससे पहले रामेश्वर के पुत्र सत्यवीर (12), मिलकशेर की पुत्री रोशनी (15), मैसर खां का पुत्र लकी (20), राजपाल की पत्नी राजवती (45) और अनुराधा शाक्य (17) की मौत हो चुकी है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply