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Uttarakhand news-उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा फैसला, अब सिर्फ एक निकाह का होगा जिक्र, दूसरा किया तो सजा

On: September 2, 2026 8:16 PM
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Uttarakhand news
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उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। अब वक्फ बोर्ड नया निकाह नामा जारी करेगा जिसमें सिर्फ एक निकाह का ज़िक्र होगा। अगर किसी ने एक से ज्यादा शादी की तो उसे सजा होगी। अब मौलाना किसी भी शख्स का दूसरा निकाह नहीं पढ़ाएगा। बता दें कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद यह फैसला लिया गया है।

UCC लागू होने के बाद नया निकाहनामा
अब निकाहनामे में दूसरे, तीसरे या चौथे निकाह का कोई कॉलम या जिक्र नहीं होगा। इसके साथ ही अब सभी मस्जिदों में निकाह पढ़ाने वाले लोगों को वक्फ बोर्ड का फैसला मानना जरूरी होगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड और यूसीसी नियमों के तहत अब एक समय में सिर्फ एक ही विवाह मान्य होगा। यदि कोई व्यक्ति पहली पत्नी के जीवित रहते या बिना कानूनी तलाक के दूसरा निकाह करने की कोशिश करता है, तो मौलवी उसे नहीं पढ़ाएंगे और ऐसा करने पर कानूनी सजा का प्रावधान है।

वहीं, उत्तराखंड में विवाह रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए सरकार नई व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके तहत अब प्रदेश में सिर्फ रजिस्टर्ड मौलवी ही निकाह करा सकेंगे। साथ ही निकाहनामे का सरकारी स्तर पर रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया जाएगा।

UCC लागू करने वाला पहला राज्य उत्तराखंड
बता दें कि देश में UCC को लेकर हर जगह चर्चा हो रही है। कुछ राज्य इसे लागू कर चुके हैं तो कुछ लागू करने के मुहाने पर हैं। उत्तराखंड में जनवरी 2025 को UCC लागू कर दिया गया था। ऐसे करने वाला वो देश का पहला राज्य बन चुका है। उत्तराखंड सरकार का ये कदम ऐतिहासिक है क्योंकि इससे राज्य के सभी लोगों के लिए एक कानून होगा, जिससे उन्हें समानता का एहसास होगा। इस कानून से राज्य को देश में एक नई पहचान मिलेगी और वह सामाजिक और कानूनी न्याय के सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगा।

यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या होता है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का मतलब ये है कि देश में जो भी नागरिक रह रहे हैं, फिर चाहें वो किसी भी धर्म, जाति या लिंग के हों, उनके लिए एक ही कानून होगा। इसके लागू होते ही शादी, तलाक, लिव इन रिलेशनशिप, बच्चा गोद लेने का अधिकार समेत तमाम अधिकारों में एकरूपता नजर आती है। फिर धर्म के आधार पर नियम अलग नहीं हो सकते।

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