एक और जच्चा-बच्चा झोलाछाप चिकित्सक की भेंट चढ़ा
ऑपरेशन कर रहा झोलाछाप चिकित्सक जच्चा को नग्न अवस्था में छोड़कर भागा
मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर मृतक जच्चा-बच्चा के शव को कराया सील
झोलाछाप चिकित्सालय तथा मृतक के परिजनों के बीच चल रही है सौदेबाजी
सहसवान (बदायूं) नगर मे अवैध रूप से संचालित जच्चा बच्चा केंद्र प्रत्येक पखवाड़े किसी न किसी जच्चा या बच्चा की मौत का सिलसिला प्रतिदिन हो रहा है जो रुकने का नाम नहीं ले रहा डकारा मार्ग पर मंडी समिति के पीछे एक झोलाछाप चिकित्सालय में एक और जच्चा-बच्चा की मृत्यु हो गई परिजनों तथा मोहल्ले सियों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया।हंगामा में को देखकर ऑपरेशन कर रहा झोलाछाप चिकित्सक नग्न अवस्था में जच्चा को छोड़कर भाग गया।मौके पर पहुंची पुलिस ने चार स्टाफ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है मजिस्ट्रेट तहसीलदार राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर मृतक जच्चा बच्चा के शव को सील कर दिया।समाचार लिखे जाने तक चर्चा है जच्चा बच्चा केंद्र संचालक तथा मृतक के परिजनों के बीच आर्थिक समझौते की चर्चा चल रही है।

चर्चा है झोलाछाप चिकित्सक ने प्रसव को आई इमरत का प्रसव कराना शुरू कर दिया स्थिति बिगड़ती देखकर झोलाछाप चिकित्सक युवती को नग्न अवस्था में छोड़कर भाग गया परिजन हालत बिगड़ती देख तत्काल इमरत को किसी अन्य अस्पताल में वाहन द्वारा ले जा रहे थे की उझानी पहुंचने से पूर्व जच्चा बच्चा ने दम तोड़ दिया मृतक जच्चा बच्चा को परिजन पुनः उसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तथा अन्य परिजनों को मामले की जानकारी दी भारी तादाद में परिजन एवं मोहल्लेवासी अस्पताल पर पहुंचकर शोर सरावा एवं हंगामा करने लगे जानकारी मिलते ही भारी तादाद में पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा तहसीलदार मजिस्ट्रेट को पुलिस ने मामले की जानकारी दी तो वह राजस्व टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए जहां मृतक जच्चा बच्चा के शव को अपनी मौजूदगी में सील कराया। पुलिस ने अस्पताल से चार स्टाफ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है समाचार लिखे जाने तक मृतक जच्चा बच्चा का शव सहसवान में ही था जच्चा बच्चा केंद्र संचालक तथा परिजनों के मध्य आर्थिक समझौते को लेकर वार्ता चल रही थी।बताया जाता है नगर एवं देहात क्षेत्र में कुकरमुत्तों की तरह खुले हुए जच्चा-बच्चा केंद्र पर प्रत्येक पखवाड़े किसी न किसी जच्चा या बच्चा की मृत्यु का समाचार प्राप्त हो रहा है परंतु जच्चा बच्चा-केंद्र संचालकों द्वारा मृतका के परिजनों से आर्थिक समझौते के चलते मामला कागजों मुंह जुवानी तक ही सिमट कर रह जाता है।
अब देखना है की स्वास्थ्य विभाग आरोपित जच्चा बच्चा केंद्र पर क्या कार्रवाई करता है या पूर्व की तरह मामला टॉय टॉय फ़िश होकर रह जाता है चर्चा यह भी है कि उपरोक्त हॉस्पिटल कुछ दिन पूर्व तत्कालीन एसडीएम सहसवान द्वारा सील भी कराया गया था।परंतु उपरोक्त हॉस्पिटल किसके आदेश पर पुनः खुल गया यह जांच का विषय है।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

