uttarakhand news-देहरादून: रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश भर से आई मातृशक्ति और बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। सीएम धामी ने अत्यंत आत्मीयता से बहनों का स्वागत किया और सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
‘मातृशक्ति के आशीर्वाद से मिलती है नई ऊर्जा’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, अटूट विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति और बहनों का स्नेह ही उन्हें उत्तराखंड की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। महिलाएं परिवार की मजबूत आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उत्तराखंड में 3 लाख 9 हजार बनीं ‘लखपति दीदी’
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) अभियान को उत्तराखंड में बेहद तेजी से धरातल पर उतारा गया है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश में 3 लाख 09 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी ये महिलाएं कृषि, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के जरिए अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे रही हैं।
महिलाओं के लिए आरक्षण और सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा:
केंद्र के प्रयास: लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं हैं।
राज्य के प्रयास: उत्तराखंड सरकार महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दे रही है।
प्रमुख योजनाएं: ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’, ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना’ के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस भव्य कार्यक्रम के अवसर पर सीएम की पत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि भट्ट सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई भारी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही।

