समर इंडिया सवाददाता जावेद चौधरी
अमरोहा (हसनपुर):- सावन माह के प्रथम सोमवार को शिवालयों में शिव भक्तों की भारी तादाद में भीड़ उमड़ी। बता दें, कि श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। भक्त सुबह चार बजे से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
हसनपुर नगर के शिव मंदिरों में सुबह से ही पंचाक्षरी मंत्रों के जाप के साथ जलाभिषेक किया गया। कई मंदिरों में महादेव को जल के साथ-साथ दूध और घी से भी अभिषेक किया गया।
झारखंड महादेव शिवाला मंदिर, शिव मंदिर फूलपुर बीझलपुर, शिव मंदिर बिजनौरा सहित ग्रामीण इलाकों के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। झारखंड महादेव शिवाला मंदिर के पुजारी पंडित सतवीर गिरी ने बताया कि सावन में महादेव को केवल जल अर्पित करने से ही पुण्य की प्राप्ति होती है।
उन्होंने सावन में जल चढ़ाने के पीछे की मान्यता का भी जिक्र किया। मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला, तो चारों ओर हाहाकार मच गया। विष के प्रभाव से देवता और असुर सभी परेशान हो गए। तब सभी ने मिलकर भगवान शिव से विष ग्रहण करने की प्रार्थना की।महादेव ने विष पीकर उसे अपने कंठ में धारण कर लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और शरीर में जलन होने लगी। इस जलन को शांत करने के लिए सभी देवताओं और भक्तों ने लगातार एक महीने तक उन पर जल अर्पित किया।
इसी कारण सावन के महीने में महादेव को जल अर्पित करने मात्र से ही वे प्रसन्न हो जाते हैं, भले ही अन्य कोई वस्तु अर्पित न की जाए। इस दौरान शिवालयों पर सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

