समर इंडिया संवाददाता जावेद चौधरी
अमरोहा। किसानों के हक और अधिकारों को लेकर अमरोहा जिले के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। ग्राम मंगरोला स्थित गंगा एक्सप्रेसवे पुल के नीचे एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों के आक्रोश और एकजुटता ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस महापंचायत में मुख्य रूप से डॉ. दिग्विजय भाटी पर की गई जिला बदर की कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया गया और प्रशासन को सीधे तौर पर अल्टीमेटम दे दिया गया है।
महापंचायत में गूंजे किसानों के मुद्दे, उमड़ा हुजूम
इस विशाल पंचायत में हसनपुर क्षेत्र के किसानों, युवाओं और विभिन्न गांवों के गणमान्य लोगों ने भारी संख्या में शिरकत की। महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने किसानों की अधिग्रहित भूमि, औद्योगिक गलियारे और अन्य जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लेकिन, पंचायत का मुख्य केंद्र बिंदु डॉ. दिग्विजय भाटी के विरुद्ध की गई जिला बदर की कार्रवाई रही, जिसे वक्ताओं ने अन्यायपूर्ण करार दिया।
प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम, दी सीधी चेतावनी
महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे किसान नेता मुखिया गुर्जर ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मंच से गरजते हुए कहा कि प्रशासन को डॉ. दिग्विजय भाटी पर की गई जिला बदर की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने के लिए 15 दिन का समय दिया जा रहा है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर प्रशासन ने उचित निर्णय नहीं लिया, तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे की बड़ी रणनीति तय करेगा।
‘जरूरत पड़ी तो खुद डॉ. भाटी को लेकर हसनपुर आऊंगा’
मुखिया गुर्जर ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने किसानों की आवाज को अनसुना किया, तो वह खुद डॉ. दिग्विजय भाटी के साथ हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद किसानों और जनहित के मुद्दों को लेकर आर-पार का व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
महापंचायत के अंत में मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने सम्मान, अधिकार और न्याय की इस लड़ाई में एकजुट रहने का संकल्प लिया। आयोजकों ने हुंकार भरते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता का मिल रहा भारी समर्थन उनके इस संघर्ष को और भी ज्यादा मजबूत बना रहा है।

