Amroha News : अमरोहा स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘Who Heal the Healers’ विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सकों की भूमिका, स्वास्थ्य सेवाओं और विकसित भारत के निर्माण में उनके योगदान पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में 100 से अधिक चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित विश्वविद्यालय के डॉ. सी.वी. रमन सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, मुख्य अतिथि एवं सीएमओ डॉ. रमाकान्त सागर तथा डीन मेडिकल डॉ. प्रभु एम.एच. ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
चिकित्सकों और छात्रों ने ली टीबी मुक्त भारत की शपथ
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों को मानव सेवा और टीबी मुक्त भारत के संकल्प के साथ शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को विशेष बनाया।
मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. रमाकान्त सागर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला स्वास्थ्य समिति के साथ मिलकर विम्स अस्पताल के चिकित्सक एवं मेडिकल छात्र टीबी उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने का प्रयास करेंगे।
‘चिकित्सक केवल डॉक्टर नहीं, राष्ट्र निर्माण की ताकत’
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि चिकित्सक केवल स्वास्थ्य सेवाएं देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सकों को केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उनके समर्पण और योगदान को समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की नींव में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
100 से अधिक चिकित्सकों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 100 से अधिक चिकित्सकों को शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. योगेन्द्र, डॉ. वी.पी. सिंह, एडिशनल एमएस डॉ. अमित जैन सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर, मेडिकल छात्र और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

