भूदेव भगलिया, वरिष्ठ संवाददाताCar Safety Tips 2026-गर्मियों का मौसम शुरू होते ही तापमान आसमान छूने लगता है। इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि हमारी गाड़ियों को भी खास देखभाल की जरूरत होती है। हाल ही में मुरादाबाद और बरेली जैसी कई जगहों से चलती या पार्किंग में खड़ी कारों के अचानक ‘आग का गोला’ बनने की डरावनी खबरें सामने आई हैं। ये घटनाएं न सिर्फ आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।आखिर इतनी महंगी और आधुनिक कारें अचानक क्यों जलने लगती हैं? आइए समझते हैं इसके मुख्य कारण और बचाव के तरीके।
कार में आग लगने के मुख्य कारण:- आफ्टर-मार्केट फिटिंग और शॉर्ट सर्किट: लोग अक्सर पैसे बचाने के चक्कर में बाहर से म्यूजिक सिस्टम, एक्स्ट्रा लाइट्स या हॉर्न लगवाते हैं। सस्ते तारों की कटिंग और गलत वायरिंग गर्मी के कारण पिघल जाती है और शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है।
- इंजन का ओवरहीट होना: गर्मियों में इंजन पहले से ही गर्म होता है और ऊपर से AC का लगातार इस्तेमाल इंजन पर भारी दबाव डालता है। कूलेंट कम होने की स्थिति में इंजन फट सकता है या आग पकड़ सकता है।
- कार में ज्वलनशील चीजें छोड़ना: तेज धूप में खड़ी कार के अंदर का तापमान 60 से 70 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसे में कार में रखा परफ्यूम, डियोड्रेंट, सैनिटाइजर, लाइटर या पानी की प्लास्टिक की बोतल (जो एक मैग्नीफाइंग ग्लास की तरह काम करती है) आग भड़काने का कारण बन सकते हैं।
- पुरानी और खस्ताहाल वायरिंग: समय के साथ तारों का इंसुलेशन कमजोर हो जाता है। इंजन की गर्मी से ये तार आपस में चिपक कर स्पार्क कर सकते हैं।
बचाव और सावधानियां (Precautions):- नियमित सर्विसिंग: गर्मी शुरू होने से पहले कार की पूरी सर्विस कराएं। कूलेंट, इंजन ऑयल और AC गैस का लेवल जरूर चेक करें।
- बाहरी एक्सेसरीज से बचें: कार में किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक मोडिफिकेशन हमेशा ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से ही कराएं। तारों के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल न करें।
- छाया में पार्क करें: कार को हमेशा कोशिश करें कि छाया में खड़ी हो। अगर धूप में खड़ी करनी पड़े, तो खिड़कियों के शीशे मामूली से खुले रखें ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल सके।
- डैशबोर्ड को खाली रखें: परफ्यूम, लाइटर या सैनिटाइजर जैसी चीजें डैशबोर्ड पर या कार के अंदर न छोड़ें।
- फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक) रखें: कार में हमेशा एक छोटा और आईएसआई (ISI) मार्क वाला फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें, ताकि शुरुआती आग को तुरंत बुझाया जा सके।
चलती कार में आग लग जाए तो क्या करें? अगर आपको कार के बोनट से धुआं या जलने की बदबू आए, तो तुरंत गाड़ी साइड में लगाकर इंजन बंद कर दें। इसके बाद सभी यात्रियों को तुरंत बाहर निकालें और गाड़ी से सुरक्षित दूरी बना लें। कभी भी बोनट को तुरंत न खोलें, क्योंकि बाहर की ऑक्सीजन मिलते ही आग अचानक भड़क सकती है। तुरंत फायर ब्रिगेड (101) या पुलिस (112) को सूचना दें।थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से आप अपनी कार और अपने परिवार को इस भयंकर खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।
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