नई दिल्ली/पॉलिटिकल डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज का दिन एक बड़े सियासी भूचाल वाला साबित हुआ है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने आम आदमी पार्टी को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। राघव चड्ढा ने अपने दो अन्य सहयोगी राज्यसभा सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।
चड्ढा समेत ये 3 सांसद हुए BJP में शामिल
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने घोषणा की कि उनके साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक (Sandeep Pathak) और अशोक मित्तल (Ashok Mittal) भी भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम रहे हैं।
चड्ढा ने इस बगावत का बड़ा ऐलान करते हुए कहा, “राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई (2/3rd) सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी में विलय करने जा रहे हैं।”
यह चौंकाने वाला फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया था। इस घटना के बाद से ही चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच दूरियां काफी बढ़ गई थीं।
आम आदमी पार्टी पर पड़ेगा सीधा असर
यह सियासी घटनाक्रम आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
राज्यसभा में घटेगी संख्या बल: राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे बड़े चेहरों और मुख्य रणनीतिकारों के जाने से उच्च सदन (राज्यसभा) में आम आदमी पार्टी की संख्या और ताकत पर सीधा असर पड़ेगा।
इन नेताओं के छिटकने से राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के मनोबल और सदन के भीतर विपक्ष की आवाज के रूप में AAP की भूमिका कमजोर होगी।
आगे क्या? (लगातार अपडेट)
यह इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर (Breaking News) है और इससे जुड़े घटनाक्रम लगातार बदल रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बड़ी टूट और सांसदों के बीजेपी में विलय (Merger) के इस कदम पर क्या वैधानिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया देता है। (इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है…)

