*दहगवा पुलिस चौकी बनी खनन का माफिया हब*
#एक भू माफिया के ईसारे पर चल रहा है 24 घंटे रेता खनन#


“सूचना के बावजूद भी तहसील प्रशासन स्थानीय पुलिस बनी मूक दर्शक”
*स्थानीय प्रशासन तहसील प्रशासन का मूक दर्शक बना क्षेत्र में चर्चा का विषय*
:खनन माफिया की हो रही है बल्ले बल्ले बल्ले, कार्यवाही की सूचना देने वाले लोगों ने माफिया के दर से सादी चुप्पी:
सहसवान (बदायूं) सहसवान तहसील क्षेत्र के विकासखंड दहगवां थाना जरीफ नगर अंतर्गत बदायूं मेरठ राज्य मार्ग से मदारपुर जाने अली मार्ग पर स्थित महावा नदी पल के निकट एक भू माफिया के इशारे पर दिन रात 24 घंटे रेता खनन माफियाओं द्वारा जमकर रेता खनन किया जा रहा है रेता खनन से जहां प्रत्येक दिन लाखों रूपए राजस्व की हानि हो रही है वही लाखों रुपए भू माफिया, रेता खनन माफिया, पुलिस प्रशासन , राजस्व विभाग मिल बाटकर मौज उड़ा रहे हैं ऐसा नहीं की रेता खनन की जानकारी पुलिस प्रशासन राजस्व प्रशासन को ना हो परंतु उन्होंने उपरोक्त मामले में बिल्कुल चुप्पी साध रखी है रेता खनन माफिया रात को तो छोड़ दीजिए दिन में भी 24 घंटे दर्जन भर ट्रैक्टर रेता खनन करके वैश्य बाड़ा क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर खल्ली, भवानीपुर खेरू,
नदायाल, अमनपुर, खैरपुर बल्ली,अलहदा दपुर धोबई, नसीरपुरटप्पा मलसई, सुजावली,भोयश, सलाबतपुर भूड , बागवाला, उस्मानपुर आदि ग्रामों में जमकर रेता ढोलाई हो रही है उपरोक्त रेता खनन माफियायो द्वारा रेता लेने वालों से संपर्क करके रेता डालने का ठेका ले लिया जाता है और दिन-रात 24 घंटे रेता की ट्रैक्टर ट्रालियों द्वारा ढूंलाई की जाती है।
मात्र इतना ही नहीं उपरोक्त रेता से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों को इतनी तेज दौड़ी जाता है की दुर्घटनाओं कब है हमेशा सताता रहता है राहगीर एवं रास्ते में पढ़ने वाले ग्रामीण लोग दूर से ही रेते से भरी हुई ट्राली देखकर दुर्घटना ना हो जाए इसलिए दूर जाकर खड़े हो जाते हैं क्योंकि ट्रैक्टर ट्रालियों को तो डर रहता है कि कहीं उन्हें कोई राजस्व कर्मचारी पुलिस पकड़ ना ले तो दूसरी ओर राहगीरों को डर रहता है कहीं उनकी तीव्र गति से चपेट में आकर वह मौत की नींद ना सो जाएं दिन-रात 24 घंटे ट्रैक्टर ट्रालियां चलने से ज्ञान की आवाज के कारण ग्रामीण रात को सो भी नहीं पाते हैं क्योंकि जिन-जिन रास्तों से उपरोक्त ट्रैक्टर ट्रालियां गुजरती हैं ट्रैक्टर ट्रालियों पर उपरोक्त ट्रैक्टर चालक तीव्र गति के डेक गाने (ध्वनि विस्तारक यंत्र) बजाते हैं मस्ती में चूर होकर रात के समय ट्रैक्टर ट्रालियों की गति दिन की अपेक्षा तिगुनी हो जाती है लोगों को भैंस चाहता है कहीं ट्रैक्टर ट्रालियों की तेज गति किसी के घर में ना घुस जाए स्टेरिंग फेल होने का भी डर सताता रहता है ग्रामीण हर वक्त भयभीत होते रहते हैं!
ऐसा नहीं कि मामले की रेता खनन माफियाओं द्वारा रेता खनन करने की जानकारी राजस्व प्रशासन पुलिस प्रशासन डायल 112 पुलिस को ना हो परंतु वह उपरोक्त रेत से भरे हुए ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ना अपना धर्म नहीं समझते बल्कि धर्म समझते हैं कई शिकायत करने वालों को पुलिस कर्मचारियों मारपीट भी की है नाम न छापने की शर्त पर कई ग्रामीणों ने बताया की शिकायत करने से कोई फायदा नहीं चुप रहने में ही भलाई है एक दिन ऐसा आएगा की रेता खनन माफिया मदारपुर के महवा नदी पुल के नीचे से इतना रहता निकाल देंगे कि वहां पर करोड़ों रुपए की लागत से बना पुल ढह जाएगा।
बताया जाता है की क्षेत्र का एक भू माफिया का संरक्षण इन रेता खनन माफियाओं को मिला हुआ है वह ही अधिकारियों कर्मचारियों से पैसे की लेनदेन की सेटिंग करने में अभ्यस्त है जनपद मुख्यालय के अधिकारियों को भी अपने मुट्ठी में करने की हिम्मत वह कई स्थानों पर जग जाहिर करता रहता है अब देखना है की राजस्व विभाग पुलिस प्रशासन उपरोक्त रेता खनन माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्यवाही अभियान चलता है या फिर उपरोक्त मामले को टॉय टॉय फिश,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, करते हुए करोड़ों रुपए की लागत से बने मदारपुर बदायूं मेरठ राज्य मार्ग के मध्य बनने वाले महावा नदी पुल के ध्वस्त होने का इंतजार करेगा।

