Amroha News-अमरोहा | विशेष संवाददाता निराश्रित गोवंश संरक्षण, संवर्धन और गौशालाओं के बेहतरीन प्रबंधन के मामले में अमरोहा जनपद ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी सफलता का परचम लहराया है। प्रदेश के 75 जनपदों में से अमरोहा ने शीर्ष 5 (Top-5) जिलों में अपना स्थान पक्का कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित एक विशेष समारोह में जनपद के प्रभारी मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सहित पूरी टीम को सम्मानित किया।
लखनऊ में मिला राज्य स्तरीय सम्मान
सोमवार, 23 फरवरी 2026 को प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दुग्ध विकास एवं पशुपालन विभाग द्वारा ‘उत्तर प्रदेश गौ-धन समागम-2026’ का भव्य आयोजन किया गया था।
मुख्य अतिथि: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह उपस्थित रहे।
इन्हें मिला सम्मान: इस राज्य स्तरीय समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 जनपदों को चुना गया। अमरोहा की जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स, मुख्य विकास अधिकारी श्री अश्विनी कुमार मिश्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. आभा दत्त और अस्थायी गौ-आश्रय स्थल डिंगरा (ब्लॉक धनौरा) की प्रधान/संचालक अमीर जहां को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
राजकीय कार्यों में व्यस्तता के चलते डीएम और सीडीओ लखनऊ नहीं जा सके थे, अतः उनका यह सम्मान सीवीओ डॉ. आभा दत्त ने प्राप्त किया।
कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री ने थपथपाई पीठ
मंगलवार (24 फरवरी) को स्थानीय स्तर पर कलेक्ट्रेट में पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री श्री के.पी. मलिक ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, सीडीओ श्री ए.के. मिश्र और सीवीओ डॉ. आभा दत्त को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं ‘गौ-माता’ का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ललित सिंह तंवर, शिक्षक विधायक डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, हसनपुर विधायक श्री महेंद्र सिंह खड़गवंशी और भाजपा जिलाध्यक्ष श्री उदय गिरी गोस्वामी ने भी सम्पूर्ण अमरोहा टीम के उत्कृष्ट नवाचारों और अनुकरणीय कार्यों की खुलकर सराहना की।
अमरोहा को सम्मान मिलने के मुख्य कारण (चयन का आधार):
प्रदेश स्तर पर हुए व्यापक मूल्यांकन के बाद केवल पांच जिलों (अमरोहा, जालौन, अलीगढ़, हरदोई और रायबरेली) को यह गौरव प्राप्त हुआ है। अमरोहा के चयन के प्रमुख आधार रहे:
गौ-आश्रय स्थलों का सुदृढ़ और व्यवस्थित संचालन।
पशुओं की समुचित देखभाल, पोषण और समय पर उपचार की बेहतरीन व्यवस्था।
पारदर्शी प्रबंधन प्रणाली और नवाचार (Innovation) आधारित कार्यप्रणाली।
2 वर्षों में खुले 10 नए गौ-आश्रय स्थल
प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार और सराहनीय प्रयासों के चलते विगत 2 वर्षों में जनपद में 10 नवीन गौ-आश्रय स्थलों का संचालन शुरू कराया गया है। इससे सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश की समस्या से आम जनता और किसानों को काफी राहत मिली है। सम्मान समारोह के अंत में अधिकारियों ने आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे ‘गौ-माता’ को कभी बेसहारा और निराश्रित न छोड़ें।

